मकर संक्रांति 2026
पूरे भारत में, मकर संक्रांति का पर्व बेहद ही पारंपरिक और लोकप्रिय तरीके से मनाया जाता है। यह पर्व हिन्दू परम्परा में, शुभ, धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत ही विशेष माना गया है। हर साल मनाया जाने वाला यह पर्व सूर्य ग्रह के मकर राशि में प्रवेश होने के लिए जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दान पुण्य स्नान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। लेकिन, इस 2026 में, सूर्य के गोचर का इस पर्व की सही तारीख को लेकर थोड़ा कंफ्यूजन बना हुआ है।
इसके साथ ही, इस बार मकर संक्रांति पर एकादशी तिथि का शुभ संयोग भी आ रहा है। ऐसे में आइए, हम आज के इस ‘मंगल भवन’ के लेख में, इस शुभ पर्व की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, और इस दिन किए जाने के लिए कुछ विशेष कार्यों के बारे में विस्तार से जानेंगे- अधिक जानकारी के लिए हमारे साथ लेख के अंत तक बने रहिए, और हमें अपने जरुरी सुझाव देना न भूलें।
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कब मनाएं मकर संक्रांति- शुभ मुहूर्त और सही तारीख?
हिन्दू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक, मकर संक्रांति का पर्व, उस दिन मनाया जाता है, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस साल 2026 में, मकर संक्रांति पर शुभ तिथि एकादशी का भी संयोग है।
जिससे इस शुभ पर्व का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है।
यानि, इस दिन आपको सूर्य देव और भगवान श्री विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त होगी। साथ ही इस दिन तिल, गुड़, गर्म कपड़े और खिचड़ी का दान विशेष रूप से शुभ फलदायी होता है। चलिए जान लेते हैं, इस साल मकर संक्रांति का पर्व कब और कौन सी तारीख में मनाया जाएगा।
साल 2026, में दिनांक 14 जनवरी को मकर संक्रांति है, लेकिन इस बार सूर्य देव दोपहर के बाद यानी, 3 बजकर 6 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में पुण्य काल का समय दिन में 8 बजकर 42 मिनट से शुरू होगा।
साथ ही, इस साल मकर संक्रांति के दिन ‘षटतिला एकादशी’ का भी संयोग बन रहा है। जिससे इस बार की संक्रांति पर सूर्यदेव और भगवान श्री हरि विष्णु जी की साथ में कृपा प्राप्त होगी। इस बार यह शुभ पर्व मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा।
शुभ मुहूर्त और समय
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2026 में मकर संक्रांति के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:
- दिनांक
14 जनवरी 2026
- सूर्य का प्रवेश:
दोपहर 03 बजकर 13 मिनट पर (धनु से मकर राशि में)
- स्नान-दान का शुभ समय:
दोपहर 03 बजकर 13 मिनट से शाम 05 बजकर 45 मिनट तक।
क्यों है, विशेष इस बार की मकर संक्रांति?
इस साल मकर संक्रांति पर एकादशी तिथि का महासंयोग भी है। एकादशी पर चावल का सेवन करना निषेध है और वेसे ही मकर संक्रांति पर विशेष रूप से खिचड़ी का दान करना शुभ होता है। यानी, इस दिन चावल का दान करने से आपको पुण्य की प्राप्ति तो, होगी ही साथ ही, भगवान श्री विष्णु का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।
यानी 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के साथ एकादशी का पर्व मनाया जाएगा। इसके बाद अगले दिन आप चावल या खिचड़ी का दान कर पुण्य कार्य कर सकते हैं। आप 17 जनवरी शनिवार के दिन खिचड़ी बनाकर खा सकते हैं और गरीबों में बाँट भी सकते हैं। इसलिए इस बार की संक्रांति का विशेष महत्व है।
इस मकर संक्रांति करें ये शुभ कार्य और विशेष उपाय
शास्त्रों में, मकर संक्रांति पर सूर्य देव की पूजा, तिल और गुड़ का दान, खिचड़ी का सेवन, और पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। जिससे, सूर्य और शनि देव को प्रसन्न किया जाता है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, इन विशेष दिन पर पितृ दोष दूर करने के लिए भी विशेष उपाय किए जाते हैं। जिससे जीवन में सुख-समृद्धि आती और सकारात्मकता का संचार होता है। आर्थिक समस्या दूर होती है। ऐसे में,चलिए जान लेते हैं, मकर संक्रांति पर किए जाने वाले शुभ कार्य-
- इस दिन, स्नान के पानी में काले तिल मिलाकर स्नान करें, जिससे रोगों से मुक्ति मिलती है। और शनि देव के दोष भी शांत होते हैं।
- सुबह पवित्र होकर सूर्य देव को जल अर्पित करें, जिसमें काले तिल और लाल फूल, लाल चंदन और गुड़ मिलाएं। इससे भाग्य खुलता है और पितरों को शांति मिलती है। अर्घ्य देने के बाद “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” या सूर्य देव के 12 नामों का जाप करें। पितृ शांति के लिए अर्घ्य देते समय ‘ॐ पितृ देवाय नमः’ मंत्र का जाप करें।
- इस दिन, गरीब और जरूरतमंदों को, कंबल, गर्म कपड़े, घी, दाल-चावल की खिचड़ी और तिल व गुड़ का दान करें, इससे पापों का नाश होता है। काले तिल और गुड़ या खिचड़ी में काला तिल मिलाकर दान करने से सूर्य और शनि दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
- एस दिन, गाय, कुत्ते, कौवों को भोजन दें और पितरों को तिल मिश्रित जल दें, इससे पितृ दोष दूर होते हैं और पितरों की कृपा होती है।
- संक्रांति के दिन, अपने घर में तिल और गुड़ के लड्डू बनाकर परिवार के साथ खाएं और अपने प्रियजनों में वितरित करें। इससे सुख-समृद्धि आती है।
- परिवार के सदस्यों पर से काले तिल 7 बार नजर उतार कर उत्तर दिशा में फेंक दें, इससे नजर दोष जैसी समस्या दूर होती है।
- इस दिन, भगवान के समक्ष तिल के तेल और घी के दीपक जलाएं, जिससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आर्थिक सम्पन्नता मिलती है।
- इस दिन संभव हो तो, गंगा सागर जैसे पवित्र स्थानों पर स्नान करना बहुत ही शुभ माना जाता है।
मकर संक्रांति 2026- पौराणिक महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, मकर संक्रांति का बहुत ही विशेष महत्व बताया गया है। महाभारत काल के समय, भीष्म पितामह जब तीर की शय्या पर लेटे थे, तो उन्होंने मकर संक्रांति तक अपने प्राण त्यागने का इंतजार किया था। और भीष्म पितामह ने मकर संक्रांति यानि उत्तरायण के दिन ही अपने प्राण त्यागे थे। इसलिए, इस शुभ दिन को बहुत ही, पुण्यदायी माना गया है।
ज्योतिष में, मकर संक्रांति- किन राशियों के लिए शुभ फलदायी
इस बार साल 2026, में, मकर संक्रांति के पर्व को बेहद विशेष बताया गया है। क्योंकि, इस दिन, एकादशी की शुभ तिथि भी आने वाली है। ऐसे में इस दिन कुछ विशेष ग्रहों का गोचर भी होने वाला है, जिससे तीन राशियों को विशेष लाभ होगा। तो चलिए, जान लेते हैं, इस दिन होने वाले विशेष ग्रहों के गोचर और प्रभाव के बारे में-
- 13 जनवरी:
शुक्र ग्रह का मकर राशि में प्रवेश
- 14 जनवरी
सूर्य ग्रह का मकर राशि में प्रवेश (मकर संक्रांति)
- 16 जनवरी:
मंगल ग्रह का गोचर
- 17 जनवरी:
बुध ग्रह का मकर राशि में प्रवेश
ज्योतिष शास्त्र में, इन ग्रहों का एक ही राशि में गोचर होने से, तीन राशियों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं। चलिए जान लेते हैं, ये तीन राशियाँ कौन सी हैं-
- मेष राशि (Aries)
इस साल की मकर संक्रांति, मेष राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ परिणाम लेकर आने वाली है। जिससे इस राशि के जातकों के लिए ग्रहों का यह अद्भुत संयोग करियर में जबरदस्त सफलता लेकर आने वाला है। जो जातक, लंबे समय से प्रमोशन या नई नौकरी का इंतजार कर रहे उनके लिए, यह समय शुभ समाचार देने वाला साबित हो सकता है।
जो जातक सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह समय बहुत ही अनुकूल है। जो जातक व्यवसाय करते हैं, उनके लिए, नई डील और पार्टनरशिप से अच्छे लाभ मिलने के योग हैं। इस राशि के जातकों में नया आत्मविश्वास व श्रेष्ठ नेतृत्व क्षमता का विकास होगा और कार्यक्षेत्र में आपके द्वारा किए गए निर्णयों को सराहनीय प्रशंसा मिलेगी।

- कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के लिए यह मकर संक्रांति विशेष परिणाम देने वाली होगी। यह समय आपको अपनी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। यदि, लंबे समय से कोई कार्य रुका है तो, वह भी पूरा होगा। जिससे मन को संतोष मिलेगा। खर्चों पर नियंत्रण होगा जिससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और अचानक धन लाभ के योग भी बन सकते हैं। धन का संचय और बचत के लिए आप प्रयास करेंगे। जो जातक पढ़ाई करते हैं, उनके लिए समय अच्छे परिणाम देने वाला होगा। विदेश से जुड़े कार्य और यात्राएं भी आपके लिए लाभकारी हो सकती हैं।
- मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि वालों के लिए ये संयोग सबसे अधिक शुभ माना जा रहा है। क्योंकि, सूर्य का गोचर मकर राशि में होने से, इस राशि के जातकों को करियर में बड़ी सफलता मिल सकती है। नौकरी में पदोन्नति, नई जॉब ऑफर या व्यवसाय में बड़ा धन लाभ होने के अच्छे योग हैं।
आपकी मेहनत, अनुशासन और योजना आपको दूसरों से आगे होने में सहायक होंगी। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और भविष्य की योजनाएं सफलता से पूरी होंगी। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और लंबे समय से चल रही अनबन या मनमुटाव समाप्त होंगे। संतान से जुड़ी कोई अच्छी खबर है जिससे, मन प्रसन्न होगा।
सारांश
हिंदू धर्म और पौराणिक महत्व में, मकर संक्रांति का विशेष आध्यात्मिक महत्व भी है। यानी, यह पर्व विशेष रूप से तब मनाया जाता है, जब सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर अपने पुत्र शनि देव की राशि ‘मकर’ में प्रवेश करते हैं। इसके साथ ही, यह पर्व ऋतु परिवर्तन का भी संकेत है।
इतना ही नहीं, हमारे ‘मंगल भवन’ के वरिष्ठ ज्योतिष आचार्यों के अनुसार, यह विशेष पर्व सूर्य दोष और पितृ दोष को शांत करने का एक बहुत ही दुर्लभ और शुभ अवसर भी होता है। इस दिन किए गए स्नान, दान और तर्पण से जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं। जीवन में आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिरता का संचार होता है। और पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।
FAQS\ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-
Q. साल 2026 में, मकर संक्रांति कब मनाई जाएगी?
An. साल 2026, में दिनांक 14 जनवरी को मकर संक्रांति है, लेकिन इस बार सूर्य देव दोपहर के बाद यानी, 3 बजकर 6 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
Q. इस बार की मकर संक्रांति पर क्या विशेष है?
An. इस साल 2026 में, मकर संक्रांति पर शुभ तिथि एकादशी का भी संयोग है। जिससे इस शुभ पर्व का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। यानि, इस दिन आपको सूर्य देव और भगवान श्री विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त होगी।
Q. मकर संक्रांति पर सूर्य देव को अर्घ्य किस प्रकार देते हैं?
An. सुबह पवित्र होकर सूर्य देव को जल अर्पित करें, जल में काले तिल और लाल फूल, लाल चंदन और गुड़ मिलाएं। इससे भाग्य खुलता है और आत्म्विश्वाद बढ़ता है। अर्घ्य देने के बाद “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” या सूर्य देव के 12 नामों का जाप करें।
Q. मकर संक्रांति पर कौन सी वस्तु का दान विशेष रूप से किया जाता है?
An. मकर संक्रांति पर विशेष रूप से खिचड़ी का दान करना शुभ होता है। यानी, इस दिन चावल का दान करने से आपको पुण्य की प्राप्ति तो, होगी ही साथ ही, भगवान श्री विष्णु का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।




