दीपावली महापर्व 2025
हिंदू धर्म और पुरे भारत देश में, दीपावली के महापर्व का हम सभी को बहुत बेसब्री से इंतजार रहता है। हर साल यह पर्व पुरे भारत देश में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से धन की देवी माता लक्ष्मी और बाधाओं को हरने वाले भगवान गणेश जी का स्वागत करने का है। जिन्हें हम दिवाली के शुभ अवसर पर अपने भाव युक्त और पवित्र सेवा से प्रसन्न करके करते हैं। दिवाली का महापर्व पांच दिनों तक मनाया जाता है। इसके अलावा, विशेष रूप से कार्तिक मास में आने वाली दिवाली के पंचपर्व में, हम सभी पूजा, जप, व्रत आदि करके अपने सुख-सौभाग्य, आरोग्य और सफलता की मंगल कामना करते हैं।
धार्मिक शास्त्रों में यह पर्व धनतेरस से शुरू होकर नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) या हनुमान जयंती, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज तक इस त्योहार को देवी-देवताओं और परंपराओं से जुड़ा है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल 2025 में त्योहारों के माह कौन से शुभ मुहूर्त पर कौन सी पूजा होगी? ग्रहों की चाल कैसी होगी? इसके साथ ही आपको धन लाभ होगा या सतर्क रहने की जरूरत है? इस दिवाली आपको क्या विशेष उपाय करना है? इन सभी की जानकारी हमारे ‘मंगल भवन’ के लेख में विस्तार से। पूर्ण जानकारी के लिए लेख को पूरा जरुर पढ़ें-…
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दिवाली 2025- पांच दिन के पांच महापर्व व शुभ मुहूर्त
साल 2025 ,में, कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दिवाली का पर्व मनाया जाएगा । धन-संपदा, सुख-शांति सौभाग्य, अच्छे स्वास्थ्य और सफलता के इस पर्व को पंचपर्व व दीपावली के नाम से जाना जाता है। चलिए, जान लेते हैं, कि इस साल दिवाली का पर्व में, पांच दिनों के पर्व की कब और किस शुभ मुहूर्त पर पूजा की जाएगी। इस दिवाली, पांच पर्व की सही तारीख और उनका धार्मिक महत्व इस प्रकार है-
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार दीपावली में, ग्रहों की चाल और योग का विशेष महत्व है। विशेषकर इस इस बार शनि की स्थिति लक्ष्मी पूजन के लिए एक दुर्लभ और शक्तिशाली संयोग माना जा रहा है। यानी दिनांक 20 अक्टूबर, दिन सोमवार को पड़ने वाली दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के समय ग्रहों का यह विशेष संयोग धन, समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि करने के साथ साथ जीवन में सकारात्मकता और सफलता का कारक माना जा रहा है।
दीपावली 2025 की महत्वपूर्ण तिथियां व पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
- लक्ष्मी पूजा (दीपावली)
20 अक्टूबर 2025, सोमवार
शुभ मुहूर्त: शाम 07:08 बजे से 08:18 बजे तक (प्रदोष काल)।
- धनतेरस: शनिवार,
18 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त-शाम के समय 07 बजकर 16 मिनट से लेकर 08 बजकर 20 तक
- गोवर्धन पूजा
22 अक्टूबर 2025, दिन- बुधवार
शुभ मुहूर्त- सुबह 06 बजकर 26 मिनट से लेकर 08 बजकर 42 मिनट तक
शाम के समय इसी पूजा को आप दोपहर 03 बजकर 29 मिनट से लेकर 05 बजकर 44 मिनट तक
- भाई दूज:
गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025
धनतेरस 2025 (भगवान धन्वन्तरि की पूजा)
दिवाली के महापर्व की शुरुआत धनतेरस के शुभ पर्व से होती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने का विशेष विधान है। इस साल 2025 में, धनतेरस का पावन पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाएगा। जो कि, 18 अक्टूबर 2025 दिन शनिवार को आने वाली है। इस दिन भगवान धन्वन्तरि की पूजा कर उनसे अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है। धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम के समय 07 बजकर 16 मिनट से लेकर 08 बजकर 20 तक का है। इस दिन भगवान कुबेर के साथ भगवान धन्वंतरि की विशेष रूप से पूजा करने का विधान है। जिससे, पूरे साल सुख-शांति और सौभाग्य बना रहे और स्वास्थ्य में वृद्धि हो। इसके साथ ही इस शुभ दिन पर घर में संपदा के लिए सोना-चांदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने का भी विशेष महत्व होता है।
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)2025- हनुमान जी का जन्मोत्सव
दिवाली के पांच महापर्व पर दूसरा पर्व नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली है। इस पर्व को भारत में छोटी दिवाली और उत्तर भारत में हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों की मान्यता है कि इसी दिन अर्धरात्रि में मां अंजना के गर्भ से हनुमान जी का जन्म हुआ था। हिंदू परंपराओं के अनुसार, इस दिन मुख्य द्वार पर चौमुखा दीप जलाने से नर्क की यातनाओं नहीं झेलनी पड़ती है। पंचांग के अनुसार यह पर्व इस साल दिनांक 19 अक्टूबर 2025, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन पितरों की विशेष पूजा का भी बहुत विशेष महत्व है।
दीपावली 2025 (धन की देवी माता लक्ष्मी व गणेश जी पूजा)
दिवाली का महापर्व जिसे हम दीपावली भी कहते हैं। हिन्दू धर्म में यह पर्व मुख्य रूप से दीपों महापर्व माना जाता है। मान्यता है कि, इस दिन दीप जलाने से अंधकार और नकारात्मकता दूर होती है। घर में लक्ष्मी जी आगमन होता है। यह पर्व भगवान श्री गणेश के साथ धन की देवी मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने के लिए मनाया जाता है। हालांकि, कई स्थानों पर इस दिन मां काली और धन के रक्षक कुबेर देवता की भी पूजा होती है। इस साल दीपावली का पावन पर्व दिनांक 20 अक्टूबर 2025, दिन सोमवार को आने वाला है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम के समय को 07 बजकर 08 मिनट से लेकर 08 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।
गोवर्धन पूजा 2025 (श्री गोवर्धन पूजा)
हिन्दू धर्म में दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा के पर्व का विशेष महत्व है। इस साल यह पूजा दिनांक 22 अक्टूबर 2025, दिन- बुधवार को की जाएगी। इसे अन्नकूट भी कहा जाता है, इस दिन गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत आकृति बनाकर उनकी विशेष पूजा करने का विधान है। गोवर्धन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 26 मिनट से लेकर 08 बजकर 42 मिनट तक का है। शाम के समय इसी पूजा को आप दोपहर 03 बजकर 29 मिनट से लेकर 05 बजकर 44 मिनट तक कर सकते हैं।

भाई दूज 2025 (भाई को तिलक करना)
अब गोवर्धन पूजा के बाद आता है दिवाली महापर्व का आखिरी पर्व, यानी भाई दूज का पर्व। इस दिन बहनें अपने भाईयों को तिलक लगाकर उनके अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और सफलता की कामना करती हैं। भाई और बहन का यह पर्व इस साल 23 अक्टूबर 2025, दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन भाई को विशेष रूप से तिलक (टीका) करने का महत्व है। भाई को तिलक करने का शुभ समय दोपहर, 01 बजकर 13 मिनट से 03 बजकर 28 मिनट तक का रहेगा।

दिवाली 2025- लक्ष्मी पूजन का विशेष अनुष्ठान व पूजा विधि
धार्मिक शास्त्रों में किसी भी व्रत और पूजा के लिए विशेष पूजा विधि और अनुष्ठान करने का विधान है। क्योंकि, यदि हम ज्योतिषीय दृष्टि से समझे तो, यह ऐसा समय है, जिसे पूरी श्रद्धा भाव शुद्ध व पवित्रता से करने पर सम्पूर्ण शुभ फल मिलता है। इस विशेष समय का अधिकतम लाभ उठाने के लिए इस बार दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन इस प्रकार करें-
- घर की साफ- सफाई और सजावट: दीपावली के शुभ अवसर पर घर को शुद्ध व पवित्र करना बहुत जरूरी है। क्योंकि, जहां स्वच्छता होगी वहां देवी-देवताओं का वास निश्चित रूप से होता है। इसलिए दिवाली के पहले घर की साफ-सफाई के साथ घर को सजाना बिलकुल न भूलें।
- सही मुहूर्त पर पूजा करना: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक दीपावली के दिन धन-धान्य की देवी माता लक्ष्मी का पूजन प्रदोष काल में करने से शुभ फल मिलता है।
- मिलजुलकर सबके साथ करें पूजा: वैसे तो, पर्व आते ही एक रूप होने के लिए है। इसलिए, हमेशा पूजा या कोई भी धार्मिक अनुष्ठान परिवार के साथ मिलकर करें। जिससे पूजा करने का सम्पूर्ण फल कई गुना बढ़ जाता है।
- सही पूजा विधि: दीपावली साल में एक बार मनाया जाने वाला महापर्व है। जिसे यदि सही विधि के अनुसार किया जाए तो, देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए, शास्त्रों में कोई भी पूजा या व्रत करने से पहले संकल्प करने का विशेष विधान होता है। संकल्प के बाद देवी लक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर देवता कू पूजा सही विधि से सम्पन्न करें।
- रंगोली बनाना व दीपक- मान्यता है कि, इस दिन माता लक्ष्मी अपने वाहन उल्लू पर सवार होकर धरती पर भ्रमण करने आती है। इसलिए, इस दिन घर में रंगोली बनाकर देवी लक्ष्मी का स्वागत करते हैं। इसके साथ ही दीपक जलाए जाते हैं। जिससे घर की नकारात्मकता दूर होती है। कहते हैं कि दिवाली की रात कुछ ऐसे शगुन होते हैं जो बताते हैं कि महालक्ष्मी का घर में आगमन हुआ है।
- सकारात्मक ऊर्जा- घर के मुख्य द्वार पर पानी में गंगा जल, हल्दी, कपूर मिश्रित कर छिड़काव करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
दीपावली के पर्व का विशेष महत्व गृहलक्ष्मी (माँ लक्ष्मी) के आगमन और उनके स्वागत करने के लिए मनाया जाता है। जिससे पुरे साल धन-धान्य की कमी न हो और सौभाग्य बना रहे। यानी दीपावली के दिन का महत्व मुख्य रूप से धन, समृद्धि, सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति से जुड़ा है। इस दिन माँ लक्ष्मी की पुरे विधि-विधान से पूजा करने पर जातक को जीवन में, कभी आर्थिक परेर्शानी का सामना नहीं करना पड़ता है। साथ ही, व्यवसाय में सफलता और लाभ मिलता है। घर-परिवार में खुशहाली और सकारात्मकता आती है। माँ लक्ष्मी की कृपा से भौतिक और आध्यात्मिक दोनों तरह की संपत्ति और सुख मिलता है, और घर में स्थायी रूप से माता का आशीर्वाद और उनका निवास रहता है।
दीपावली के दिन ऐसे करें माता का पूजन पूजा की विधि
इस शुभ अवसर पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजन के लिए सबसे पहले पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें। चलिए जान लेते हैं विस्तार से-
पूजा की तैयारी
- सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ-सुथरे वस्त्र पहनें।
- पूजा स्थल की अच्छे से साफ-सफाई कर लें।
- चौकी पर लाल या सफेद वस्त्र बिछाएं और उस पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
कलश स्थापना
- इसके बाद एक कलश में गंगाजल, सुपारी, अक्षत, और सिक्का डालकर उसकी स्थापना करें।
- कलश पर आम के पत्ते और वस्त्र लपेटा हुआ नारियल भी रखें।
देवी-देवताओं का स्नान और पूजन
- हाथ में फूल और अक्षत लेकर गणेश जी और माता लक्ष्मी जी का ध्यान करें।
- उन्हें दूध, दही, शहद, तुलसी और गंगाजल से स्नान कराएं।
पूजन और भोग
- देवी-देवताओं को कुमकुम, रोली, और चंदन से तिलक लगाएं।
- कमल और पीले फूल अर्पित करें।
- उन्हें खेल-खिलौने, बताशे, मिठाइयां, फल, पैसे, और सोने के आभूषण भी अर्पित करें।
- लक्ष्मी जी को ऋतु फल और साबुत अनाज का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
दीपक और मंत्र
- देवी-देवताओं के समक्ष 11 या 21 घी के दीपक जलाएं।
- लक्ष्मी जी का ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का जाप करें, “ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ”।
आरती और प्रसाद
- पूजा के बाद लक्ष्मी गणेश की कथा सुनें और भगवान से पूजा में की गई गलती के लिए क्षमा मांगे।
- अंत में कपूर और घी की बत्ती जलाकर गणेश भगवान और मां लक्ष्मी की आरती करें।
- आरती के बाद सभी में प्रसाद वितरण करें।
माता लक्ष्मी की आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता,
मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत,
हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय…
उमिया, रमा, तुम हो जग-माता।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय…
दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, नित मंगल पाता॥ ॐ जय…
तुम पाताल-निवासिनी, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥ ॐ जय...
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ ॐ जय...
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ ॐ जय…
शुभ गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ ॐ जय…
आरती लक्ष्मी माता, जो कोई गाता।
उर आनन्द समाता, पाप मिट जाता॥ ॐ जय…
दीपावली 2025: ग्रहों के गोचर की विशेष स्थिति
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल 2025 में, दिवाली पर कुछ ग्रहों का गोचर होने वाला है। जो कि, ज्योतिषीय दृष्टि से कुछ विशेष संयोग बनने का कारक होगा। जिनका लक्ष्मी पूजन और धन-संपत्ति संबंधी कार्यों में पर भी प्रभाव होगा। इन ग्रहों के लिए हमारे ‘मंगल भवन’ के ज्योतिष आचार्यों द्वारा बताए गए उचित उपाय कर सकते हैं।
- चतुर्ग्रही योग- तुला राशि में
इस साल जो 2025 में, दिवाली का पर्व मनाया जाएगा! ज्योतिष गणना में इस दिन सूर्य, चंद्रमा, मंगल और बुध, ये चार ग्रह तुला राशि में एक साथ मौजूद रहेंगे। तुला राशि, को ज्योतिष में संतुलन, सद्भाव और संबंधों किन प्रतीक राशि मानी जाती है। इन चार ग्रहों के एक साथ आने से इच्छाशक्ति, भावना, जुनून और बुद्धिमत्ता का अनोखा मेल होगा, जो इस दिवाली को आध्यात्मिक रूप से और भी अधिक विशेष प्रभावशाली बना देगा।
- शनि ग्रह- वक्री चाल
साल 2025 में आने वाली दिवाली के समय, शनि ग्रह का गोचर मीन राशि में वक्री अवस्था में होगा। ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि में, शनि की ऐसी वक्री चाल 500 वर्षों में एक बार होने वाली दुर्लभ घटना है। इसके साथ ही, शनि की यह चाल कुछ राशियों के लिए धन में वृद्धि, करियर में तरक्की और व्यावसायिक मामलों में सफलता देने की कारक होगी।
- राहु ग्रह का गोचर
राहु जीवन में अप्रत्याशित परिवर्तन और भौतिक इच्छाओं का कारक है । इस बार दीपावली पर राहु का प्रभाव जातक के भौतिक इच्छाओं को और भी अधिक बल देने का कार्य करेगा। जिससे धन और समृद्धि को आकर्षित किया जा सकता है।
- शुक्र ग्रह- तुला राशि में गोचर
ज्योतिष में, शुक्र ग्रह प्रेम, सौंदर्य और वैभव सुख के कारक ग्रह माने जाते हैं। इस साल दीपावली के समय, शुक्र अपनी स्वराशि तुला में रहेंगे। यानी, इस अद्भुत संयोग से इस दिवाली आपके लिए सुंदरता, सद्भाव और सार्थकता और मजबूत संबंधों में वृद्धि होने का संयोग बनेगा।
- गुरु बृहस्पति (षडाष्टक योग)
गुरु बृहस्पति भी सभी ग्रहों में उच्च स्थान पर आने वाले शुभ ग्रह हैं। जो अपनी अनुकूल स्थिति से शांति और जीवन में स्थिरता प्रदान करने के कारक हैं। इस साल गुरु का गोचर आपके करियर में आपको सफलता रिश्तों और व्यक्तिगत विकास में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेंगे।
दीपावली 2025- इस राशियों के लिए होगा कठिन समय
हमारे ‘मंगल भवन’ के योग्य और वरिष्ठ आचार्यों की गणना के अनुसार इस बार दीपावली के दौरान राहु-केतु की स्थिति और गोचर होने का समय होगा। जिससे प्रत्येक राशि प्रभावित होने वाली है। इसके अलावा, दीपावली 2025 के समय राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में रहेंगे। जिससे कुछ राशियों को तो अच्छे परिणाम मिलेंगे लेकिन कुछ राशियों के लिए यह गोचर, उनके कठिन समय आने का संकेत हो सकता है। आइए जान लेते हैं, कौन सी हैं ये राशियां-
- वृषभ राशि- मन में अस्थिरता
इस साल दीपावली के समय राहु-केतु और शनि का गोचर होने वाला है। जिसके प्रभाव से वृषभ राशि के जातकों को मानसिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है। राहु के प्रभाव से आपके अंदर अस्थिरता की भावना पैदा हो सकती है। आर्थिक मामलों में नुकसान और व्यापार में पार्टनर के साथ झगड़े या मतभेद होने की संभावना है। इसलिए इस समय स्वयं को जितना हो सके उतना शांत रखने का प्रयास करें।
- मिथुन राशि
राहु के प्रभाव से मिथुन राशि के जातकों को मानसिक रूप से बेचैन और बहुत अधिक सोचने की समस्या हो सकती है। इसलिए जितना संभव हो अधिक सोच-विचार से दूर रखें।
- कन्या राशि
इस दिवाली कन्या राशि के जातकों को राहु-केतु के गोचर से संसय हो सकती है। जिसके प्रभाव से जातक को भ्रम और अलगाव का अनुभव हो सकता है। दीपावली का समय आपके लिए परिवर्तनशील और कुछ चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- वृश्चिक राशि
ग्रहों के गोचर के कारण इस दिवाली आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह है। क्योंकि राहु, केतु और शनि मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं देने की कारक होंगी। इसके अलावा किसी भी नई परियोजना या डील या धन संबंधी लेन-देन करने से बचें। क्योंकि, इसके परिणाम अनुकूल नहीं होंगे और धन हानि के योग हैं।
- धनु राशि
दिवाली पर धनु राशि के जातकों को राहु-केतु के प्रभाव से आध्यात्मिक आदर्शों और भौतिक इच्छाओं के बीच संघर्ष की स्थिति का सामना करना पड़ता है। संभव हो तो, अपनी इच्छाओं और मन पर नियंत्रण रखें।
- मीन राशि
राहु के भ्रम और केतु के अलगाव प्रभाव के कारण मीन राशि के लिए संघर्ष भरे दिन रह सकते हैं। यह गोचर जीवन में बड़े बदलाव लाने वाला होगा, इसलिए किसी भी काम को करने से पहले उचित योजना बनाएं और सोच-विचार कर ही कार्य करें।
दीपावली 2025- राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को दूर करें
- दिवाली के शुभ दिन राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से बचने हेतु किसी भी विवाद या झगड़े में पड़ने से बचें।
- केतु के अशुभ प्रभाव हो तो, जितना अधिक हो सके उतना दिल खोलकर दान करें।
- ग्रहों के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए जितना हो सके उतना भगवान का नाम और मंत्र जाप करें।
- दिवाली जैसे शुभ दिन पर किसी जरूरतमंद की मदद करें, लेकिन अपने बजट का भी ध्यान रखें।
- यदि ग्रहों के अशुभ प्रभाव हो तो स्वास्थ्य के लिए सहज रहें नजरअंदाज बिलकुल न करें।
दिवाली 2025- धन, वैभव व लाभ प्राप्त करने वाली राशियां:
इस साल 2025 में, दिवाली पर के दौरान कुछ विशेष ग्रहों के गोचर होने वाला है। यानी इस साल शनि, गुरु बृहस्पति और शुक्र, चन्द्रमा की स्थिति से अनुकूल संयोग बन रहे हैं। इन ग्रहों की शुभ स्थिति से शुभ मानी जाती है। क्योंकि, यह धन, संपदा और सफलता के कारक है। इस दिवाली शुक्र ग्रह (धन की देवी) और चंद्रमा (मन) के प्रभाव में, धन की देवी माता लक्ष्मी का पूजन करने से भौतिक रूप से सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होगी। इसके साथ ही, शनि और राहु का प्रभाव भी बहुत महत्वपूर्ण है। जिसमें शनि कर्म और न्याय का कारक है, तो राहु जीवन में अप्रत्याशितता देने का प्रतीक है। इन सभी ग्रहों की स्थिति का समग्र प्रभाव साल 2025 की दीपावली पर धन, समृद्धि, सफलता और व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल 2025 दिवाली का शुभ पर्व एक विशेष रूप से खगोलीय घटना के साथ आने वाला है। जो कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ प्रभाव और लाभकारी परिणाम देने वाला होगा। साल 2025 में,यह दीपों का महापर्व दिवाली 20 अक्टूबर 2025,को मनाया जाएगा। इस दिन यानी दिवाली के दिन शनि देव मीन राशि में वक्री यानी उल्टी चाल में होंगे। न्याय और कर्म के फल दाता शनि का इस तरह वक्री अवस्था में होना एक दुर्लभ संयोग माना जाएगा, जो वर्षों बाद बन रहा है। यह संयोग 4 राशियों को करियर में नई जिम्मेदार, धन लाभ और शुभ यात्रा और सफलता के रास्ते खोलने वाला होगा। आइए जानते हैं, उन राशियों के बारे में-

- वृषभ राशि (धन लाभ होगा)
इस साल 2025, वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि की वक्री चाल बेहद शुभ और लाभदायक होगी। ग्रहों के शुभ प्रभाव से इन राशियों को अचानक धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। जो आपकी आर्थिक स्थिति को स्थिरता देने वाली होगी। इसके अलावा, आपको कोई पुराना अटका हुआ धन मिलने के भी योग हैं। कहीं से अप्रत्याशित इनकम का रास्ता भी आपके इस समय खुलेगा। इस साल की दिवाली पर आपको आर्थिक सम्पन्नता के साथ-साथ भौतिक सुख-सुविधाओं का भी लाभ होगा। आपकी कोई बड़ी इच्छा पूरी होने के योग हैं जिससे मन में संतोष, आनंद और शांति का सुखद अनुभव होगा। करियर के क्षेत्र में भी सफलता मिलने के अच्छे योग हैं। कार्यक्षेत्र में आपको, प्रमोशन, नई जिम्मेदारी या कोई बड़ा प्रोजेक्ट मिलने के अच्छे योग हैं।
- मिथुन राशि (नए अवसर मिलेंगे)
मिथुन राशि के लिए यह दिवाली इनके कार्यक्षेत्र, व्यापार और नौकरी में बहुत ही अद्भुत परिणाम देने वाली होगी। विशेष रूप से जो जातक स्वयं का व्यवसाय करते हैं। उन्हें इस बार बहुत अच्छा लाभ मिलने के योग हैं। इस बार आपको कोई नई डील या धन निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। जो जातक नई नौकरी की तलाश में हैं, उनके लिए इस बार उम्मीद की नई किरण मिलने वाली है। जो जातक बेरोजगार हैं उन्हें इस बार रोजगार या नौकरी मिलने के अच्छे योग हैं। और जो जातक नौकरी करते हैं, उनके लिए कार्य में नए अवसर मिलेंगे। आपके लिए इस बार विशेष रूप से प्रॉपर्टी, लोहा, तेल, खनिज या काली वस्तुओं से जुड़े व्यवसाय में जुड़ें जातकों को विशेष लाभ मिलने के योग हैं।
- मकर राशि (कार्यक्षेत्र में सफलता)
ज्योतिष में, मकर राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव हैं, इसलिए इस साल दिवाली पर उनकी वक्री स्थिति मकर राशि के जातकों के लिए बहुत ही अच्छे और सकारात्मक परिणाम देने वाली होगी। इस वर्ष आपको नौकरी और व्यापार दोनों में लाभ और सफलता मिलने योग हैं। इसके अलावा, यदि आप कोई नई प्रॉपर्टी, वाहन या घर की खरीदारी का विचार कर सकते हैं और उसमें भी आपको सफलता मिलने के भी प्रबल योग है। वैवाहिक जातकों के जीवन में रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी, और जीवनसाथी के साथ संबंधों में नई ऊर्जा का अनुभव होगा। कुल मिलाकर, यह दिवाली मकर राशि के लिए धन-संपदा, मान-सम्मान और सुख-शांति देने वाला होगा।
- कुंभ राशि (आय के साधनों में वृद्धि)
कुंभ राशि शनि की प्रिय राशि मानी गई है। इस राशि पर शनिदेव का विशेष प्रभाव रहता है। इस बार साल 2025, में आने वाली दिवाली पर ग्रहों की शुभ स्थिति के कारण पर आपको भरपूर लाभ मिलने के योग हैं। धन और आय के नए रास्ते खुल सकते हैं। इनकम और धन प्राप्ति के लिए अवसर मिलेंगे। निवेश सम्बन्धी मामलों में, जहां से उम्मीद नहीं थी वहां से धन मिलने के योग हैं। यानि, अगर आप कहीं धन निवेश करने का सोच रहें हैं तो यह समय आपके लिए ग्रहों की स्थिति के अनुसार अनुकूल हो सकता है। आर्थिक मजबूती के साथ-साथ आपके जीवन में खुशियां और संतुलन भी आने का समय है। समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा होगी जिससे आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
सारांश
साल 2025 में, अक्टूबर माह में विशेष रूप से पर्वों का माह है। इन पर्वों पर नाम-जप और पूजा का विशेष विधान है। जिसमें आप करवा चौथ से भाई दूज के बीच नवग्रह शांति और घर में सुख-संपदा के लिए, आप संबंधित ग्रहों से जुड़े मंत्रों का जाप कर सकते हैं और दान-पुण्य कर सकते हैं। ज्योतिष में हर एक पर्व का विशेष महत्व है। करवा चौथ पर विशेष रूप से गणेश जी और चन्द्रमा की पूजा करें। धनतेरस पर यम का दीपक लगाएं, दीपावली के शुभ दिन पर धन की देवी माता लक्ष्मी और गणेश जी का पूजन करें। गोवर्धन पूजा पर भगवान गोवर्धन की पूजा करें। भाई दूज पर भाई की शुभ तिलक करें।
FAQS\ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. साल 2025 में, दिवाली का पर्व किस दिन मनाया जाएगा?
An. इस साल दीपावली का पावन पर्व दिनांक 20 अक्टूबर 2025, दिन सोमवार को आने वाला है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम के समय को 07 बजकर 08 मिनट से लेकर 08 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।
Q. दिवाली पर कौन से ग्रहों के विशेष योग बन रहे हैं?
An. ज्योतिष गणना में इस दिन सूर्य, चंद्रमा, मंगल और बुध, ये चार ग्रह तुला राशि में एक साथ मौजूद रहेंगे। तुला राशि, को ज्योतिष में संतुलन, सद्भाव और संबंधों किन प्रतीक राशि मानी जाती है। इसके अलावा, साल 2025 में आने वाली दिवाली के समय, शनि ग्रह का गोचर मीन राशि में वक्री अवस्था में होगा। ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि में, शनि की ऐसी वक्री चाल 500 वर्षों में एक बार होने वाली दुर्लभ घटना है।
Q. दिवाली पर माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है?
An. दिवाली पर लक्ष्मी गणेश जी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर 2025, सोमवार के दिन शाम 07:08 बजे से 08:18 बजे तक (प्रदोष काल) का है।
Q. दिवाली के पर्व पर क्या विशेष कार्य करना शुभ होता है?
An. दीपावली साल में एक बार मनाया जाने वाला महापर्व है। जिसे यदि सही विधि के अनुसार किया जाए तो, देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए, शास्त्रों में कोई भी पूजा या व्रत करने से पहले संकल्प करने का विशेष विधान होता है। संकल्प के बाद देवी लक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर देवता की पूजा सही विधि से सम्पन्न करें।




