रेवती नक्षत्र में शनि के गोचर का 12 राशियों में बड़ा बदलाव:
शनि ग्रह के इस गोचर के कारण सभी 12 राशियों के जीवन में बड़ा उलट क्या संभव है? किन राशियों को अच्छा फल मिलेगा। जिनको भाग दौड़ करनी पड़ेगी। इसी संदर्भ में मंगल भवन के इस लेख को आचार्य अंकुश के साथ अंत तक जरूर पढ़ते हैं।
मेष राशि:
शनि आपकी राशि से 12 में भाव में गोचर कर रहें हैं। इस दौरान आपको संबंधित कार्य क्षेत्र में लगातार भाग दौड़ बनी रहेगी।
शनि के गोचर का असर:
इस राशि में शनि के गोचर के कारण आपको दूर देश की यात्रा तथा प्रवास में जाना पड़ सकता है। इस दौरान अधिक खर्च तथा आपकी नींद गड़बड़ा सकती है। और कमर तथा घुटनों के दर्द हो सकते हैं।
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कार्य व व्यापार:
व्यापारिक क्षेत्र में बड़े समझौते को अंतिम रूप देने की यहां कशमकश देखने को मिल सकती है। जिससे आपको किसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ आयात और निर्यात तथा पुरानी फाइलों को दुरुस्त करने में सफलता मिलेगी और कोई पुराना काम पुनः शुरू हो जाएगा। सहकर्मियों से अलगाव और दूरी से बचना चाहिए।
व्यावहारिक उपाय:
- गरीब और बेसहारा लोगों को तथा बुजुर्गों को अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार निश्चित सहयोग देते रहना चाहिए।
वृषभ राशि:
शनि देव आपके लिए शुभ स्थिति में गोचर कर रहे हैं, आपकी मनोकामना को पूरा करेंगे तथा सामाजिक और राजनीतिक जीवन में प्रतिष्ठा और पैसा देने वाले रहेंगे।
आर्थिक लाभ:
शनि का यह गोचर आपके लिए आर्थिक क्षेत्र में बहुत ही खुशखबरी लेकर आ रहा है। जिससे धन को जुटाना और आमदनी को बढ़ाने में कदम कदम पर सफलता मिलेगी।
कार्य और व्यवसाय:
घर परिवार में भाई बहनों के साथ और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अच्छे तालमेल से मन गदगद रहेगा। प्रेम संबंधों में साथी को कुछ गिले शिकवे हो सकते हैं, यहां सावधानी बनकर चलें।
व्यावहारिक उपाय:
- शनिवार के दिन तेल के दीपक घर के बाहर जलाएं तथा तेल और सात प्रकार के अनाज का दान दें।
मिथुन राशि
कर्म भाव में शनि का वक्रीगत गोचर करना आपके लिए एक तरफ से मौकों को देगा, लेकिन आपके कार्य की रूपरेखा को दुरुस्त करने के संकेत भी दे रहा है।
व्यापारिक मुनाफा:
यह गोचर जहां कार्य क्षेत्र में दबाव को बढ़ाने वाला रहेगा। वहीं व्यापारिक जीवन में आपके मुनाफे तथा प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाला रहेगा। करियर के क्षेत्र में पदोन्नति और किसी विवादित मामलों को सुलझाने में सफलता मिलेगी।
व्यावहारिक उपाय
- पक्षियों को प्रतिदिन दाना डालें और उनके पानी पीने की व्यवस्था किसी मिट्टीके बर्तन में आपको करना चाहिए।
कर्क राशि
भाग्य भाव में शनि का गोचर आपके सौभाग्य को बढ़ाने वाला रहेगा। लेकिन धर्म और सिद्धांतों के प्रति आपके विश्वास कितने मजबूत हैं, इसकी कड़ी परीक्षा की घड़ी चल रही है।
पुरुषार्थ से सफलता:
शनि के इस गोचर के कारण आपको हाथ में हाथ रखकर नहीं बैठना चाहिए। आपके पुरुषार्थ के कारण ही आपको सफलता मिलेगी।
कार्य और जीवन शैली:
गुणवत्ता परक तकनीक शिक्षा शोध और अध्ययन से जुड़े कार्यों में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पिता या पूज्य व्यक्तियों को लेकर आपको कुछ भाग दौड़ करनी पड़ सकती है, उनकी चिंताएं बढ़ सकती हैं।
व्यावहारिक उपाय:
- इस दौरान आपको धर्म स्थलों की सुरक्षा सफाई तथा भगवान की पूजा में लगने वाले भोग प्रसाद की व्यवस्था करनी चाहिए।
सिंह राशि
आपकी राशि से शनि का गोचर अष्टम भाव में हो रहा है, इस दौरान कमीशन, गुप्तचर विभाग तथा आत्म मंथन से लाभ होगा।
लेन-देन में पारदर्शिता रखे:
इस समय आर्थिक मोर्चे पर आपको पूंजीगत निवेश बीमा तथा गुप्त रूप से कर्ज लेने देने में सावधानी रखनी होगी । उसके कर्ज, मेंटेन करें, तभी लेन-देन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। इस दौरान घर परिवार तथा अन्य क्षेत्रों से जुड़ा हुआ कोई रहस्य खुल सकता है।
कार्य और व्यापार:
अचानक कोई धन लाभ की स्थिति बनेगी। हालांकि कार्य और सामाजिक राजनीतिक जीवन में गुप्त साजिश आपके खिलाफ हो सकती है। यहां सावधानी रखने की जरूरत रहेगी।
व्यावहारिक उपाय:
- भगवान शिव को गंगाजल और गाय का कच्चा दूध अर्पित करें। बंदरों को भीगे हुए चनें, जरूर खिलाएं।
कन्या राशि
आपकी राशि से शनि सप्तम भाव में गोचर करेंगे। जिससे व्यवसाय के जीवन में काफी उठा पटक हो सकती है।
झूठे वादों और दावों से दूर रहे:
किसी रणनीतिक साझेदारी व व्यापारिक तथा औद्योगिक क्षेत्र में किए गए झूठे दावे और वादे आपके तनाव का कारण हो सकते हैं, इस दौरान इस प्रकार के झूठे वादों की दीवारें गिर सकती हैं।
करियर और व्यापार:
निजी और सरकारी क्षेत्र में करियर की लंबी उड़ान शुरू हो सकती है। इस दौरान व्यापारिक मोर्चे पर बड़ी सफलता हेतु भाग दौड़ बनी रहेगी। अचानक धन खर्च बढ़ सकते हैं।
- व्यावहारिक उपाय: गाय को हरा चारा और 100 ग्राम गुड़ जरुर खिलाना चाहिए।
तुला राशि
आपकी राशि से शनि छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। जिससे नौकरी के क्षेत्र में तथा विरोधियों को परास्त करने में सक्षम होंगे।
पुराने विवादों का निपटारा:
पिछले वर्षों से घर परिवार तथा अन्य क्षेत्रों में जो विवाद चल रहे थे, अब वह खत्म होने का संकेत कर रहे हैं। तथा आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
कार्य और व्यापार:
आजीविका के क्षेत्र में आपको सम्मान मिलेगा। कोई नई जिम्मेदारियां मिलेगी। जिससे आपका प्रभाव बढ़ेगा। यदि कोई आपके पास कर्ज है तो, उसे चुकाने के रास्ते बनेंगे। स्वास्थ्य के प्रतिलापरवाह ना रहें। घुटने और पैरों के दर्द नस नाड़ियों की कंडीशन यहां परेशान कर सकती है।
व्यावहारिक उपाय:
- मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं और चमेली का तेल का दीपक जलाएं। उनके सम्मुख हनुमान चालीसा का पाठ करें।
वृश्चिक राशि
आपकी राशि से शनि का गोचर संतान भाव में हो रहा है। यह समय आपको सृजनात्मक और रचनात्मक क्षमताओं को देगा।
अध्ययन में एकाग्रता रखें:
पढ़ाई लिखाई के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक एकाग्रता को बिखरने ना दें। संतान पक्ष से जुड़े निर्णय को लेकर आप थोड़ा सा भाग दौड़ करते नजर आएंगे। उनके स्वास्थ्य शिक्षा तथा अन्य मामलों को लेकर आप सजक रहेंगे।
कार्य और व्यवसाय:
अपने आजीविका के क्षेत्र को उच्च रखने के लिए आपको अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। पुत्र और पुत्री के उज्जवल भविष्य तथा रिश्तो को लेकर आपको और गंभीर होना पड़ेगा। अध्ययन में आपको ध्यान लगाकर एकाग्र होना पड़ेगा।
धनु राशि:
शनी का गोचर आपके सुख भाव में होगा। जिससे भूमि भवन तथा माता से जुड़े मामलों में आपको सतर्क रहने की जरूरत रहेगी।
घर परिवार के प्रति जवाब देही बढ़ेगी: शनि के इस गोचर के कारण आपको भूमि भवन तथा घर परिवार के मामलों को लेकर अधिक जवाब देना पड़ेगा। यहां पर आप अपने को कई बार भागते दौड़ते हुए महसूस करेंगे।
कार्य और व्यापार:
भूमि भवन से जुड़े मामलों में अधिक जल्दबाजी न दिखाएं। घर में किसी बुजुर्ग व्यक्ति के सेहत की चिंता हो सकती है। आजीविका से जुड़े क्षेत्रों में आपको अधिक भाग दौड़ करनी पड़ेगी।
व्यावहारिक उपाय:
- किसी सफाई कर्मी या जरूरतमंद गरीब व्यक्ति को जूते तथा वस्त्रों का दान दें।
मकर राशि
आपकी राशि से शनि का गोचर तृतीय भावगत हो रहा है। जिससे आपको एक नई दिशा और शक्ति प्राप्त होगी।
लक्ष्य में होगा ध्यान:
शनि का गोचर आपको अपने कार्य व्यापार तथा सुख सुविधाओं की तरफ यानी व्यापारिक तथा कार्मिक लक्ष्य की ओर बढ़ाने वाला रहेगा। जिससे आपकी प्रसन्नता बढ़ेगी।
कार्य और व्यापार:
इस दौरान छोटे-छोटे रुके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए आपका एक फोन ही बहुत होगा। भाई बहनों के साथ रिश्तो में जो तनाव थे, वह समाप्त होंगे और सहयोग तथा सम्मान बढ़ेगा।
व्यावहारिक उपाय:
- भगवान सूर्य को प्रतिदिन जल अर्पित करें और घर में अपने माता-पिता बुजुर्गों का चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
कुंभ राशि:
शनी आपके द्वितीय भाव में गोचर करेगा। जिससे आप कई बार बोल-चाल की भाषा में उग्र हो सकते हैं, संयमित नहीं रहेंगे। इसका ध्यान रखें।
रूठे व्यवहार से बचें:
पारिवारिक और सामाजिक जीवन में कोई ऐसा कदम ना उठाएं, जिससे आपकी वाणी में अत्यधिक स्पष्टवादिता आने से लोग उसे गलत समझेंगे और तनाव उत्पन्न हो सकता है।
कार्य और व्यापार:
व्यापारिक मोर्चे पर बड़ी प्रगति के लिए आपको यहां नए सिरे से विचार करना पड़ सकता है। धन लाभ मिलता रहेगा। लेकिन खर्च भी रहेंगे। निवेश में सावधानी रखें, पारिवारिक जीवन में आनंद का माहौल रहेगा।

व्यावहारिक उपाय:
- अनाथ और गरीब बच्चों को सहयोग दें तथा गाय की सेवा जरूर करें, उसे हरा चारा खिलाएं।
मीन राशि
शनि ग्रह का गोचर आप ही की राशि में हो रहा है। जिससे आपकी प्रतिभा को यह निखारने का एक मौका है।
ओवरथिंकिंग से बचें:
व्यवहारिक जीवन में आप थोड़ा सुस्त दिखेंगे। लेकिन विचारों का जो प्रभाव है, वह ओवर थिंकिंग की ओर आपको ले जाता है, यहां संयमित रहने की जरूरत है।
आजीविका और करियर:
आजीविका से जुड़े पहलुओं को साधने के लिए इस दौरान आपको कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। यहां पर आपको पारिवारिक और कार्मिक जीवन के साथ आजीविका के पहलुओं की बड़ी जिम्मेदारी निभानी पड़ सकती है। जीवनसाथी का साथ मिलेगा।
यह भी जरुर पढ़ें- शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश 2026: वैश्विक प्रभाव और जनजीवन पर असर
व्यावहारिक उपाय:
- गाय का कच्चा दूध भगवान शिव को चढ़ाएं। और शिव चालीसा का पाठ सोमवार के दिन जरूर करें।
शनि ग्रह का रेवती नक्षत्र में प्रवेश का निष्कर्ष:
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह जब रेवती नक्षत्र में वक्री होकर प्रवेश करता है। यानी उल्टा गति से जब चलता है तो, यहां ऐसा माना जाता है की, परेशानियां दुख तकलीफ बढ़ जाती हैं। विश्व में जो बड़ी शक्तियां हैं, उनके बीच तेल का खेल और वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिलती है। वही आम जन जीवन में शनि लोगों को तरासने का काम करते हैं। कई बार परेशानियां आती हैं। किंतु सफलताओं को भी देते रहेंगे।
FAQS\ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-
Q1. शनि का रेवती नक्षत्र में गोचर 2026 कब हुआ?
An. शनि ने 20 अगस्त 2026 को वक्री गति से रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश किया। इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग माना जाता है।
Q2. शनि के रेवती नक्षत्र गोचर से किन राशियों को लाभ मिल सकता है?
An. वृषभ, मिथुन, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर, धन, प्रतिष्ठा, रुके कार्यों और विरोधियों पर सफलता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया है।
Q3. मेष राशि पर शनि के रेवती नक्षत्र गोचर का क्या प्रभाव होगा?
An. मेष राशि वालों को विदेश यात्रा, अधिक खर्च और भागदौड़ का सामना करना पड़ सकता है। पुराने कार्य पूरे करने और व्यापारिक समझौतों में सफलता के अवसर भी बन सकते हैं।
Q4. वृषभ राशि के लिए शनि का यह गोचर कैसा रहेगा?
An. वृषभ राशि के लिए शनि का गोचर आर्थिक लाभ, सामाजिक प्रतिष्ठा और आय बढ़ाने के अवसर दे सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों और परिवार के साथ तालमेल बेहतर रखने की सलाह है।
Q5. मिथुन राशि पर शनि के गोचर का क्या असर होगा?
An. मिथुन राशि वालों के करियर में जिम्मेदारियां और काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन पदोन्नति, प्रतिष्ठा और व्यापारिक मुनाफे के अवसर भी बन सकते हैं।
Q6. तुला राशि के लिए शनि रेवती नक्षत्र गोचर क्या लेकर आएगा?
An. तुला राशि वालों को पुराने विवादों से राहत, विरोधियों पर सफलता और कार्यक्षेत्र में सम्मान मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही से बचना चाहिए।
Q7. मीन राशि पर शनि के गोचर का क्या प्रभाव पड़ेगा?
An. मीन राशि में शनि का गोचर आत्ममंथन, जिम्मेदारियों और मेहनत बढ़ा सकता है। ओवरथिंकिंग से बचकर करियर और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा।




