मंगल की महादशा
वैदिक ज्योतिष में सभी नौ ग्रहों का अपना एक विशेष स्थान और महत्व है! जैसे- सूर्य आत्मा का कारक, चंद्रमा मन का कारक है। उसी प्रकार, मंगल शौर्य, पराक्रम व क्रोध का कारक है। यानी मंगल का भी एक विशेष स्थान और महत्व है! आज हम, ‘मंगल भवन’ के इस लेख में हम आपको मंगल के महादशा का क्या प्रभाव होता है! ज्योतिष में मंगल की महादशा और अन्य ग्रहों की अंतर्दशा का कैसा प्रभाव होगा? इस पर चर्चा करेंगे! जो आपके लिए काफी सहायक सिद्ध होगा। तो हमारे साथ जानिए मंगल की महादशा और ,मंगल के साथ अन्य ग्रहों की अंतर्दशा के परिणाम-
ज्योतिष में, मंगल की महादशा- महत्व
ज्योतिष में, मंगल की महादशा का समय 7 साल तक चलता है! कुंडली में, मंगल, महत्वाकांक्षा, ऊर्जा, आक्रामकता, जोश और उत्साह का कारक है। यानी मंगल कुंडली में, इन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें खेल, शारीरिक रूप से मेहनत की गतिविधियां, बिक्री, सैन्य, सर्जरी और युद्ध भी शामिल है। जब किसी जातक की कुंडली में, मंगल के महादशा चलती है तो, उस जातक के जीवन में, इन प्रमुख क्षेत्रों में ऊर्जा में वृद्धि होती है!
कुल-मिलाकर, ज्योतिष में मंगल की महादशा में ऊर्जा को, आक्रामक प्रवृत्ति में वृद्धि से चिह्नित किया जाता है। इसके अलावा, मंगल भूमि और संपत्ति के मामलों में पारिवारिक विवाद और घात का भी सूचक है! यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल की महादशा के दौरान अशुभ योग या फल बनते हैं, तो, उस जातक को, एलर्जी, निम्न रक्तचाप, हड्डियों की कमजोरी और ऊर्जा में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है!
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मंगल की महादशा में व अन्य ग्रहों की अंतर्दशा
ज्योतिष में, सभी ग्रहों की महादशा के साथ अन्य ग्रहों की अन्तर्दशा भी चलती है! तो आइये जाने, मंगल के साथ अन्य ग्रहों की अन्तर्दशा व प्रभाव के बारे में-
मंगल की महादशा व सूर्य की अंतर्दशा के प्रभाव
यदि मंगल की महादशा के साथ सूर्य की अंतर्दशा चल रही हो तो, यह जातक को, कार्यक्षेत्र में सफलता जनक परिणाम देता है! यदि कोई जातक जमीन या भूमि से संबंधी कोई कार्य कर रहा है तो उसे भी बहुत लाभ मिलता है! सूर्य को कार्यक्षेत्र के लिए बेहद शुभ कारक माना जाता है! यानी जातक बहुत लाभ कमाता है! मंगल के साथ अन्तर्दशा में होने से, जातक राजनीतिक क्षेत्र में भी बहुत नाम और प्रतिष्ठा प्राप्त करता है! ऐसे जातक की रूचि विशेष रूप से मांगलिक कार्यों को करने में अधिक होती है!
मंगल की महादशा व चंद्र की अंतर्दशा के प्रभाव
मंगल की महादशा के साथ यदि चंद्रमा की अंतर्दशा चल रही है तो, यह समय धन लाभ देने वाला होता है! साथ ही, जातक को बहुत मान-सम्मान भी मिलता है! चंद्रमा को मन व माता के साथ अच्छे संबंधों का कारक ग्रह की संज्ञा प्राप्त है, इस अन्तर्दशा के दौरान जातक के उसकी माता के साथ में संबंध अच्छे होते हैं! माता से अच्छा सहयोग प्राप्त होता है! विदेश यात्रा के योग बनते हैं! ज्योतिष के मुताबिक, मंगल और चंद्रमा का जो योग होता है इसे लक्ष्मी योग भी कहते हैं! यानी यदि कुंडली में, मंगल और चंद्रमा एक साथ हो तो यह बहुत ही शुभ योग माना गया है।
मंगल की महादशा व बुध की अंतर्दशा के प्रभाव
मंगल की महादशा के साथ यदि बुध की अंतर्दशा हो तो, यह समय जातक की निर्णय करने की क्षमता को प्रभावित करता है! जिससे जातक कोई भी डिसीजन बहुत जल्दबाजी में करते हैं! इस कारण वह हानि का भी शिकार हो जाता है! हमारे ज्योतिष आचार्यों का मानना है कि, इस दशा के सकारात्मक पक्ष को देखा जाए तो, मंगल और बुध के साथ होने पर जातक अपनी बुद्धि और सूझबूझ से कम करें तो, यह बहुत लाभ और सफलता कारक होगी! क्योंकि, मंगल पराक्रम का कारक है और बुध बुद्धि का कारक है! बुद्धि और पराक्रम के मिलने से जातक हर क्षेत्र में बहुत सफलता प्राप्त करता है!
मंगल की महादशा व गुरु की अंतर्दशा के प्रभाव
मंगल की महादशा के साथ यदि, गुरु यानी बृहस्पति की अंतर्दशा चल रही हो तो, यह एक शुभ प्रभाव देने वाली युति मानी जाती है! जातक की विवाह या घर में मांगलिक कार्य के योग बनते हैं! साथ ही, संतान की प्राप्ति होती है! ज्योतिष में, बृहस्पति सही राह और ज्ञान का कारक है और नए जीव की उत्पत्ति का भी कारक है! इसलिए संतान के लिए यह बहुत ही शुभ प्रभाव देने वाले ग्रह है! यानी कुल-मिलाकर हम कह सकते हैं कि, यह समय जातक की सफलता और पारिवारिक सुख के लिए बहुत ही शुभ है! इतना ही नहीं, व्यापार और शिक्षा से संबंधित कार्य में मंगल और बृहस्पति का साथ बहुत लाभदायक सिद्ध होता है!
मंगल की महादशा व शुक्र की अंतर्दशा के प्रभाव
मंगल की महादशा के साथ यदि शुक्र की अंतर्दशा चल रही हो तो, यह समय विशेष करके जातक के जीवन में प्रेम प्रसंग या जीवन साथी देने का कार्य करता है। यानी, मंगल और शुक्र के साथ होने पर, मंगल को मांगलिक कार्य और शुक्र को प्रेम संबंध और विवाह के लिए शुभ संकेत माना जाएगा! कार्य क्षेत्र में भी जातक को अच्छा धन लाभ मिलता है! जातक को लाभ अच्छा मिलता है। विशेष कर इस समय पर यदि व्यक्ति फैशन से जुड़े हुए कार्य कर रहा हो। मंगल की दशा भूमि से सम्बन्धित कार्यों के लिए भी, नया घर या खुद की जमीन लेकर घर बनाने के योग के लिए भी शुभ है!
मंगल की महादशा व शनि की अंतर्दशा के प्रभाव
मार्स की महादशा के साथ, शनि की अंतर्दशा हो तो, इस दशा में, आपको बहुत सावधानी रखनी होगी! क्योंकि मंगल और शनि दोनों ही क्रूर ग्रह माने जाते हैं। कुंडली में, इन ग्रहों के एक साथ होने पर, दुर्घटनाओं के योग बनते हैं! यानी यह समय जातक को बहुत ध्यान रखने और सावधान रहने की जरूरत है! साथ ही दो अशुभ फल देने वाले ग्रहों की युति जीवन में हानि और कष्ट के योग बनते हैं! मंगल की महादशा शनि की अंतर्दशा यह भी दर्शाती है कि, इस दौरान आपको बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है!

मंगल की महादशा व राहु की अंतर्दशा के प्रभाव
मार्स की महादशा और राहु की अंतर्दशा में, जातक को, नकारात्मक प्रभाव मिलेंगे! आक्रामकता और आवेग, इस अवधि में जातक को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती है! जातक में, आक्रामकता और आवेग का प्रभाव होगा! जिससे वह अपने निर्णयों में जल्दबाजी कर सकता है! मंगल की महादशा और राहु की अंतर्दशा में जातक को जोखिम और अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है! इस समय जातक को सफलता और असफलता दोनों का अनुभव हो सकता है, जिससे वह अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर सकता है!
मंगल की महादशा व केतु की अंतर्दशा के प्रभाव
मंगल की महादशा और केतु की अंतर्दशा के संयुक्त प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर बहुत महत्वपूर्ण हो सकते हैं! आध्यात्मिक और भौतिक संघर्ष: इस अवधि में व्यक्ति को आध्यात्मिक और भौतिक संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है! निर्णय लेने में कठिनाई मंगल की महादशा और केतु की अंतर्दशा में व्यक्ति को निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है! स्वास्थ्य और मानसिक समस्याएं: इस अवधि में व्यक्ति को स्वास्थ्य और मानसिक समस्याएं हो सकती हैं।
मंगल की महादशा के लिए उपाय
मंगल की महादशा के अशुभ प्रभाव के लिए आपको ये उपाय करना चाहिए-
- मार्स की महादशा के दौरान मंगल पूजा करना लाभदायक हो सकता है। मंगल देवता की पूजा करके उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है।
- हनुमान जी की पूजा: हनुमान जी की पूजा करना भी मंगल की महादशा के दौरान लाभदायक हो सकता है, क्योंकि हनुमान जी मंगल के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।
- मूंगा रत्न धारण करना मंगल की महादशा के दौरान लाभदायक हो सकता है, क्योंकि यह रत्न मंगल के प्रभाव को बढ़ावा देता है।
- लाल रंग के वस्त्र पहनना भी मंगल की महादशा के दौरान लाभदायक हो सकता है, क्योंकि लाल रंग मंगल का प्रतिनिधित्व करता है।
- लाल वस्तुओं का दान: लाल वस्तुओं जैसे कि लाल कपड़े, लाल फल आदि का दान करना मंगल की महादशा के दौरान लाभदायक हो सकता है।
- मंदिर में दान करना भी मंगल की महादशा के दौरान लाभदायक हो सकता है, क्योंकि इससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
FAQS\ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q. मंगल की महादशा कितने समय की होती है?
An. ज्योतिष में, मंगल की महादशा का समय 7 साल तक चलता है! कुंडली में, मंगल, महत्वाकांक्षा, ऊर्जा, आक्रामकता, जोश और उत्साह का कारक है। यानी मंगल कुंडली में, इन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें खेल, शारीरिक रूप से मेहनत की गतिविधियां, बिक्री, सैन्य, सर्जरी और युद्ध भी शामिल है!
Q. मंगल की महादशा के साथ शनि की अन्तर्दशा का क्या प्रभाव होता है?
An. मंगल की महादशा के साथ, शनि की अंतर्दशा हो तो, इस दशा में, आपको बहुत सावधानी रखनी होगी! क्योंकि मंगल और शनि दोनों ही क्रूर ग्रह माने जाते हैं। कुंडली में, इन ग्रहों के एक साथ होने पर, दुर्घटनाओं के योग बनते हैं! यानी यह समय जातक को बहुत ध्यान रखने और सावधान रहने की जरूरत है!
Q. मंगल की महादशा के लिए क्या उपाय करना चाहिए?
An. मंगल की महादशा के दौरान मंगल पूजा करना लाभदायक हो सकता है। मंगल देवता की पूजा करके उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है। हनुमान जी की पूजा: हनुमान जी की पूजा करना भी मंगल की महादशा के दौरान लाभदायक हो सकता है, क्योंकि हनुमान जी मंगल के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। मूंगा रत्न धारण करना मंगल की महादशा के दौरान लाभदायक हो सकता है, क्योंकि यह रत्न मंगल के प्रभाव को बढ़ावा देता है!
Q. मंगल की महादशा के साथ बुध की अंतर्दशा कैसी होती है?
An. मंगल की महादशा के साथ यदि बुध की अंतर्दशा हो तो, यह समय जातक की निर्णय करने की क्षमता को प्रभावित करता है! जिससे जातक कोई भी डिसीजन बहुत जल्दबाजी में करते हैं! इस कारण वह हानि का भी शिकार हो जाता है! हमारे ज्योतिष आचार्यों का मानना है कि, इस दशा के सकारात्मक पक्ष को देखा जाए तो, मंगल और बुध के साथ होने पर जातक अपनी बुद्धि और सूझबूझ से कम करें तो, यह बहुत लाभ और सफलता कारक होगी!




