मकर लग्न में राहु ग्रह ! लग्न में राहु के ऐसे प्रभाव जो आपके जीवन में होंगे सुख-समृद्धि और धन लाभ के कारक |

मकर लग्न में राहु ग्रह

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर लग्न में राहु ग्रह के प्रभाव विशेष रूप से शनि की स्थिति पर निर्भर करता है। हालांकि, लग्न कुंडली में राहु ग्रह प्रभाव उस भाव के कारको पर भी निर्भर करता है। मकर लग्न में विशेष रूप से राहु ग्रह के शुभ प्रभाव चौथे भाव, पांचवें भाव और बारहवें भाव में होते हैं। लेकिन, यह शनि की स्थिति पर और अन्य ग्रहों के के साथ युति पर भी निर्भर करता है। मकर लग्न में राहु की ऐसी ही कुछ विशेष स्थितियों और प्रभाव के बारे आज हम आपको हमारे इस ‘मंगल भवन’ के लेख में विस्तार से बताएंगे- तो हमारे साथ लेख में अंत तक बने रहिए और लेख में दी गई जानकारी के लिए हमें अपने सुझाव जरूर दें-

मकर लग्न में जन्म लेने वाले जातक संतोषी, भीरु, उग्र स्वभाव, पुरुषार्थ प्रेमी, वंचक, बड़े नेत्रों वाला, शठ, मनमौजी, अधिक संततिवान, चतुर, लोभी स्वभाव के होते हैं। इन्हें शारीरक रूप से कफ तथा वायु के पीड़ित रहने वाला, लंबे शरीर वाला, ठग, तमोगुणी, पाखंडी, आलसी, खर्चीला, धर्म के विमुख आचरण करने वाला, स्त्रियों में आसक्त, कवी तथा लज्जा रहित कहा जाता है। मकर लग्न के जातक अपने जीवन में प्रारंभिक अवस्था में सुख भोगते हैं। इसके बाद मध्यम अवस्था में दुखी और अपनी आयु की 32 वर्ष की आयु के बाद अंत में यानी वृद्धावस्था में सुखी रहता है | इन लग्न के जातकों की पूर्ण होती है उन्हें अल्पायु या अकाल मृत्यु नहीं मिलती है। 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अन्य ग्रहों की तरह राहु देव की अपनी कोई राशि नहीं होती है।  वह अपनी मित्र राशि और शुभ भाव में होने पर ही  शुभ  फल देते हैं। मकर लग्न में कुंडली के पहले , दूसरे , पांचवें ,नौवें  ,दसवें भाव  में स्थित राहु देव अपनी  दशा व अंतर्दशा में अपनी क्षमतानुसार शुभ या अशुभ फल देते हैं। विशेष रूप से कुंडली के तीसरे , चौथे , छठे  ,सातवें , आठवें , ग्यारहवें भाव ( नीच राशि ) और बारहवें भाव  (नीच राशि ) में राहु देवता अपनी स्थिति के अनुसार दशा व अंतर्दशा में जातक को कष्ट देते हैं। क्योंकि वह इन भावों  में वे मारक होते हैं। इसलिए राहु की मारक स्थिति जातक के लिए कष्टकारी होती है।

जन्म कुंडली के कुछ विशेष भाव ऐसे होते हैं, जहां राहु देव जातक के लिए सकारात्मक परिणाम देने वाले होते हैं- मकर लग्न में ऐसे विशेष भाव इस प्रकार हैं-

लग्न कुंडली का चौथा भाव (जो कि मेष राशि है) में राहु की स्थिति जातक के जीवन में मिश्रित परिणाम देने वाली होती है। यानी, यहां राहु का होना जातक के धन-समृद्धि और करियर के लिए तो, शुभ है लेकिन, यह साथ ही घरेलू और भावनात्मक अशांति और कुछ समस्याओं का कारण भी है।  ऐसे जातक को भौतिक सुख-सुविधाओं, जैसे कि घर, वाहन और संपत्ति की बहुत अधिक चाह वाले होते हैं। अपने जुनून से वे संपत्ति खरीदने में सफलता भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, जातक को माता के स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आ सकती हैं। 

लग्न कुंडली और मकर राशि के पांचवें भाव में, राहु ग्रह का प्रभाव जातक के जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करता है। जैसे कि शिक्षा, संतान, बुद्धि, प्रेम संबंध और रचनात्मकता। इस भाव में राहु की स्थिति जातक के सोचने, तर्क-वितर्क के तरीके और जीवन के प्रति दृष्टिकोण को प्रभावित करती है। ऐसे जातक की सीखने की शैली अद्वितीय हो सकती है। हालांकि, जातक को संतान से संबंधित मामलों में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। प्रेम संबंधों में ऐसे जातकों के जीवन साथी असामान्य या जिनकी पृष्ठभूमि या संस्कृति अलग होते हैं। राहु का प्रभाव इस भाव होने से जातक जातक में रचनात्मक होने की अद्भुत गुण होते हैं, जो सामान्य से भिन्न होते हैं। वे कला, संगीत या लेखन जैसे क्षेत्रों में अपनी अनूठी शैली विकसित कर सकते हैं। यहाँ एक जरूरी बात यह है कि, पांचवें भाव में राहु का प्रभाव जातक को भाग्यशाली, धनी और व्यवहार कुशल बना सकता है। लेकिन,  यदि शनि मजबूत हो तो।

कुंडली का बारहवां भाव मोक्ष, आध्यात्मिकता और मुक्ति का भाव होता है। इस भाव में राहु के होने से जातक को आध्यात्मिक खोज की ओर जाने की प्रेरणा मिलती है।  लेकिन यह खोज पारंपरिक तरीकों से अलग हटकर हो सकती है। इसके साथ ही, राहु की यह स्थिति विदेश में बसने या लंबे समय तक विदेश यात्रा करने के लिए भी बहुत अनुकूल है। ऐसे जातक को विदेश जाकर सफलता मिलती है।  साथ ही वे विदेशी संस्कृति या वहां के लोगों से आसानी से घुल-मिल जाते हैं। इस भाव म,एन यदि राहु के साथ शनि की स्थिति अच्छी हो तो ऐसे जातक को विदेशी स्रोतों से धन लाभ, विज्ञान और विदेश में शिक्षा प्राप्त करने में सफलता मिलती है। 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर लग्न में राहु ग्रह के प्रभाव विशेष रूप से शनि की स्थिति पर अधिक निर्भर करते हैं। क्योंकि शनि मकर लग्न के स्वामी भी हैं। यदि शनि मजबूत स्थिति में है, तो राहु की ऊर्जा से जातक को अनुशासित, व्यावहारिक और आर्थिक विकास के मामलों में शुभ प्रभाव मिलते हैं। लेकिन, यदि शनि कमजोर है, तो यह अशुभ प्रभाव दे सकता है, जिससे जातक को भ्रम और अति-महत्वाकांक्षा होने की समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। तो, आइए जान लेते हैं, मकर लग्न के लिए राहु ग्रह के शुभ\अशुभ के बारे में-

  1. राहु के शुभ प्रभाव से मकर लग्न के जातक में सफलता हासिल करने की तीव्र इच्छा होती है।  जिससे वे अपने बड़े और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में सफल होता है।
  2. राहु के प्रभाव से ऐसे जातक साहसी होते है और उसमें जोखिम लेने की अच्छी क्षमता होती है। जो अक्सर जातकों को महत्वपूर्ण उपलब्धियों और सफलता की ओर ले जाती है।
  3. यदि मकर लग्न में शनि की स्थिति अच्छी है, तो राहु धन लाभ, प्रसिद्धि और सफलता देने वाला होता है।
  4. राहु ग्रह के शुभ प्रभाव में जातक को विदेश यात्रा के अवसर मिल सकते हैं, जो व्यापार के लिए लाभकारी होते हैं।  साथ ही ऐसे जातकों को कभी-कभी विदेश में स्थायी निवास के भी अवसर मिलते हैं।
  5. राहु के शुभ प्रभाव से जातक की सोच बहुत अधिक सक्षम हो जाती है ऐसे जातक, रचनात्मक कलाओं में बहुत ही निपूर्ण होते हैं। 
  1. राहु भ्रम पैदा करता है, जिससे पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में जातक को निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति या गलत निर्णय की समस्या आती है।
  2. यदि लग्न में शनि कमजोर है, तो जातक अनैतिक या अवैध गतिविधियों में शामिल हो सकता है और धन के लिए वे गलत रास्ते या शॉर्टकट अपना सकता है।
  3. राहु के अशुभ प्रभाव से जातक को पेट संबंधी समस्याओं, त्वचा रोगों या ऐसी बीमारियों से पीड़ित हो सकता है, जिनका इलाज मुश्किल हो।
  4. मकर लग्न के राहु की स्थिति जातक के विवाह के लिए शुभ नहीं होती है। ऐसे में जातक को रिश्तों में असंतोष और दो या अधिक विवाह की संभावना पैदा कर सकता है।
  5. राहु के अशुभ प्रभाव में जातक में व्यसन की प्रवृत्ति आ सकती है, ऐसे जातक को शराब या ड्रग्स की लत जैसी बुरी आदत हो सकती है।
Rahu in Capricorn ascendant

ज्योतिष में, हर एक राशि और उन पर ग्रहों के अशुभ प्रभाव के अनुसार लाभकारी और बहुत ही आसान उपाय बताए गए हैं। क्योंकि, बिना जानकारी के उपाय करने का ना तो कोई लाभ होगा ना ही उनसे जीवन में कोई परिवर्तन आएगा। इसलिए जब भी आप किसी गृह के लिए कोई उपाय करें तो सम्पूर्ण जानकारी के बाद करें- मकर लग्न के लिए राहु से सम्बन्धित उपाय इस प्रकार हैं- 

  1. मकर लग्न के जातकों को राहु ग्रह से सम्बन्धित समस्याओं के लिए भगवान शिव और काल भैरव की आराधना करना शुभ होगा।
  2. इसके अलावा, आप, राहु मंत्र का जाप, और जरुरत मंदों की सेवा कर सकते हैं। 
  3. किसी भी पवित्र नदीं में सिक्के प्रवाहित करना, जानवरों को रोटी खिलाना और दुर्गा चालीसा का पाठ करना आपके लग्न के लिए बहुत लाभकारी है। 
  4. शनिवार के दिन गरीबों को भोजन कराएं या काले तिल, कंबल और तेल का दान करें। आप चाहे तो, सप्तधान्य का दान समय-समय पर भी करना आपके लिए लाभकारी है।
  5. काले कुत्ते को रोटी खिलाने से भी लाभ हो सकता है।
  6. घर के नैऋत्य कोण में पीले रंग के फूल वाले पौधे लगाएं।
  7. मांसाहार,  तामसिक भोजन और नशीले पदार्थों का सेवन बिलकुल न करें।

Q. मकर लग्न के लिए राहु ग्रह के सकारात्मक प्रभाव कौन सी स्थिति में होते हैं?

An. मकर लग्न में राहु ग्रह के प्रभाव विशेष रूप से शनि की स्थिति पर अधिक निर्भर करते हैं। क्योंकि शनि मकर लग्न के स्वामी भी हैं। यदि शनि मजबूत स्थिति में है, तो राहु की ऊर्जा से जातक को अनुशासित, व्यावहारिक और आर्थिक विकास के मामलों में शुभ प्रभाव मिलते हैं। लेकिन, यदि शनि कमजोर है, तो यह अशुभ प्रभाव दे सकता है।

Q. मकर लग्न में राहु के अशुभ प्रभाव के लिए कौन से देवता की पूजा करना चाहिए?

An. मकर लग्न के जातकों को राहु ग्रह से सम्बन्धित समस्याओं के लिए भगवान शिव और काल भैरव की आराधना करना शुभ है।

Q. मकर लग्न के लिए राहु ग्रह के अशुभ प्रभाव में क्या होता है?

An. मकर लग्न के राहु की स्थिति जातक के विवाह के लिए शुभ नहीं होती है। ऐसे में जातक को रिश्तों में असंतोष और दो या अधिक विवाह की संभावना पैदा कर सकता है। साथ ही, राहु के अशुभ प्रभाव में जातक में व्यसन की प्रवृत्ति आ सकती है, ऐसे जातक को शराब या ड्रग्स की लत जैसी बुरी आदत हो सकती है।

Q. मकर लग्न में राहु ग्रह के बारहवें भाव में राहु के प्रभाव बताइए?

An. कुंडली का बारहवां भाव मोक्ष, आध्यात्मिकता और मुक्ति का भाव होता है। इस भाव में राहु के होने से जातक को आध्यात्मिक खोज की ओर जाने की प्रेरणा मिलती है।  लेकिन यह खोज पारंपरिक तरीकों से अलग हटकर हो सकती है। इस भाव में राहु की यह स्थिति विदेश में बसने या लंबे समय तक विदेश यात्रा करने के लिए भी बहुत अनुकूल है।

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