प्रस्तावना
राजा रानी के घर में गुरु का अनुष्ठान जारी है, ग्रहों के राजा सूर्य 16 जुलाई 2026 से स्त्री ग्रह कहे जाने वाले जिसे ज्योतिष में कहीं-कहीं रानी की संज्ञा भी प्राप्त है। यानी चंद्रमा की राशि में पहुंच चुके हैं। सूर्य ग्रहों के राजा और चंद्रमा को रानी तथा मंगल को योद्धा बुध को युवराज और और बृहस्पति को अध्यात्म तथा ज्ञान का कारक माना जाता है।शुक्र इस ग्रह मंडल में भौतिक सुख सुविधाओं तथा मनोरंजन की चीजों को संग्रहित करता रहता है। शनि इस ग्रह मंडल का सेवक है और न्याय प्रदाता तथा कर्म फल दाता भी माना जाता है। राहु और केतु अपनी प्रकृति के करण राजा के कार्य क्षेत्र और राज्य में कई तरह की उथल-पुथल लाते रहते हैं। इस कारण संपूर्ण ब्रह्मांड में राशि चक्र तथा ग्रह मंडल में अद्भुत नजारा उभर कर आ रहा है। इस महान ब्रह्मांड का बड़ा अद्भुत रहस्य इन राशियों में छिपा हुआ है।
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सूर्य के द्वारा गुरु से पूजा एवं अनुष्ठान करवाना
प्रकृति की यह अद्भुत घटना जहां ग्रहों के राजा, संसार के सृजन कर्ता है, विष्णु रूपी गुरु जो पालन कर्ता तथा रुद्र रूपी शिव जिन्होंने चंद्र को धारण कर रखा है। वह ही ब्रह्मांड में राशि चक्र में ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं। जहां पर त्रिनेत्र धारी शिव और भगवान सूर्य तथा विष्णु जी मिलकर इस संसार को अद्भुत ज्ञान और पराक्रम का संदेश दे रहे हैं। क्या आपकी राशि को आशीर्वाद मिल पाएगा। ब्रह्मांड में कुछ अलग हटके और खास माहौल बना हुआ है। जिससे ग्रह मंडल से लेकर पूरा संसार उसकी आहट को महसूस कर रहा है। इस प्रकार से आपकी राशि में इस गुरु सूर्य जिसे गुरु आदित्य राज योग कहा जा रहा है, क्या फायदा और क्या मुनाफा होगा, क्या आपका भाग्य प्रबल होगा। या फिर लगेगा झटका। कर्क संक्रांति में गुरु आदित्य योग पर बनने वाले ज्योतिषीय प्रभाव को हमने उपरोक्त तीन भागों में समझा और जाना। जिसमें पृथ्वी वायु अग्नि तथा जल आदि का संतुलन और उनकी स्थिति के अनुसार लोगों को कई मोर्चे पर सफलता मिलती दिखाई दे रही। आईए जानते हैं, शेष बची राशियां जो अचानक पर्दे के पीछे से उठ खड़ी होती है, उन्हें इस सूर्य के राजसूय यज्ञ में क्या मिलने वाला है।
सिंह धनु मीन (अग्नि जल)
कार्य और व्यापार को संचालित करने के लिए दूर दराज के क्षेत्र की लंबी तथा लाभकारी यात्रा के योग।
सिंह राशि
16 जुलाई को एक खास योग जो गुरु और सूर्य की युति के कारण बन रहा है। यह 12 वर्षों के बाद ऐसा योग बना है, जो अत्यंत दुर्लभ और उपयोगी है। इस राशि के स्वामी कोई और नहीं ग्रह मंडल के राजा भगवान सूर्य होते हैं। सिंह राशि के जातकों को इस समय कंपनी तथा उद्योग धंधे से जुड़े संदर्भों को साधने के लिए नायाब किस्म के अवसर बने रहेंगे। धन लाभ और खर्च का ताल मेल यहां कुछ गड़बड़ हो सकता है। लेकिन पूंजीगत निवेश में लाभ होगा। स्वास्थ्य में आप देखेंगे कहीं थोड़ा सा खुजली पीड़ा हो सकती है। लेकिन घबराने वाली बात नहीं है, यहां राजा के महायज्ञ में वायु जल अग्नि में जो योगदान दिया है। उसे पृथ्वी हरी भरी हो गई है। राजा ने अपने सिपाहियों को आदेश दिया है, कार्य तेजी से जारी है। जिससे आपको लाभ होगा। लेकिन आंख मूंद कर बिल्कुल ना बैठे, अपने कार्य व्यापार घर परिवार सहित संबंधों में जो आपको सामंजस्य स्थापित करना है, संतुलन बनाना है, उसका ध्यान अवश्य देते रहें। क्योंकि राजा को गुरु ने ऐसा गुरु मंत्र दिया है जो यह बताता है कि, बौद्धिकता साहस मेहनत पराक्रम उत्साह और प्रबंधन के द्वारा आप अपने सभी कामों को बिना रुकावट के साथ कर सकते हैं।
लेकिन आपके यहां शांत होकर बैठने की जरूरत नहीं है। एकांतवासी और वनवासी की तरह जीवन तो ठीक है, लेकिन कार्यों का निरीक्षण बहुत जरूरी है, तभी सफलता आपके कदम चूमेगी। अन्यथा यहां पर तेज हवाओं के साथ जो बादलों का समूह है, वह भयंकर बारिश करके अग्नि को उत्तेजित होने से रोक देगा। गुस्से से बचें, संयमित जीवन में आनंद आता है। आपका संयमित होना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। बल्कि ब्रह्मांड से जो संदेश आया है, वह यह बता रहा है कि, धैर्य और संयम बौद्धिकता बहुत जरूरी है। यहां पर आपको अपने पुराने शत्रुओं से गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही में धार्मिक होकर देवता ब्राह्मण घर माता-पिता आदि की सेवा करते रहे। इस सेवा से राजा का आत्मविश्वास पुनः बढ़ जाता है और वह शक्ति से आदेश देता है। तभी ब्रह्मांड से ऐसा संकेत मिलता है कि, पर्दे के पीछे एक तीरंदाज प्रकट होता है। राजा की सभा में जो हड़बड़ी हुई इसका असर इस तीरंदाज में दिखने लगता है।
धनु राशि
जब 12 वर्षों बाद यह महासंयोग बनता है तो दो, मित्र तीसरे मित्र के घर में जाकर मिलते हैं तो, इस गुरु आदित्य राज योग की शक्ति लगभग 10 गुना से अधिक बढ़ जाती है। धनु राशि के स्वामी गुरु ही होते हैं। और कर्क संक्रांति में जो 16 जुलाई 2026 को हो रही है, उसमें सूर्य और गुरु की युति अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि यह है इस राशि के लिए एक गोल्डन पीरियड की तरह है। जिससे करियर बिजनेस में बढ़त बजट में विस्तार। लव लाइफ में चाहत स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार इस तरह से देखा जाए तो, इस राशि वालों के अटके हुए काम पूरे होंगे। निवेश से बड़ा फायदा मिलेगा। पूंजी लाभ बढ़ेगा। हालांकि जो विदेश की स्थित है, उसके आधार पर देखा जाए तो आपको कई बार यहां अधिक श्रम करना पड़ेगा। जिससे आपकी भाग दौड़ बनी रहेगी। लेकिन आपका लाभ निश्चित रूप से बढ़ेगा मुनाफा होगा। यह योग आपके लिए भी लाभकारी है, क्योंकि आपकी राशि के स्वामी गुरु हैं और वह उच्च के होकर इस समय गोचर कर रहे हैं।
हालांकि ज्योतिष में गुरु आपकी राशि से अष्टम भावगत गोचर कर रहे हैं, जिसे प्रायः अशुभ माना जाता है। यहां सिंह के दरबार की हलचल ने पर्दे के पीछे खड़े इस तीरंदाज को अचानक एक्शन मोड में ला दिया था। लेकिन इसके मित्र ने इसकी हड़बड़ी को जाना और समझा तथा उसके गुप्त रहस्यों का पता लगाया। चंद्रमा की नजर बड़ी ही तेज होती है। उसने जान और समझ लिया कि, इस तीरंदाज ने हड़बड़ी में कुछ ऐसे तीर छोड़ दिए जो सीधे हवा में चल गए। यानी निशाने से भटक गए, अपने लक्ष्य और उद्देश्य से विमुख हो गए। अतः यहां ब्रह्मांड के जो परम रहस्य का अनुष्ठान चल रहा था, वह धीरे-धीरे अपनी पूर्ति की ओर बढ़ रहा था। और यह संदेश दे रहा था कि, लक्ष्य को साधने में तत्पर रहना अत्यंत जरूरी है। सभी सफलता मिलेगी।
मीन राशि:
राजनीतिक और सामाजिक मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिलेगी। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के योग बन रहे। कर्क संक्रांति 16 जुलाई 2026 सूर्य का अपने मित्र राशि के में प्रवेश करना अत्यंत दुर्लभ है। जो आपको संबंधित कार्मिक और राजनीतिक तथा प्रतियोगिता क्षेत्र में छप्पर फाड़ कर सफलता देगा। नया बिजनेस प्रमोशन कार्यक्षेत्र में उन्नति प्रेम तथा संतान पक्ष की तरफ से कोई खुशी का समाचार मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि सेहत में कभी खुजली पीड़ा दर्द घुटनों के दर्द चर्म रोग आदि हो सकते हैं। ऐसे में आपको कुछ सावधानी बनाकर चलने की जरूरत बनी हुई रहेगी। इस राशि के स्वामी कोई और नहीं गुरु ही है, जो उच्च के होकर गोचर कर रहे हैं तथा इस राशि से विद्या भावगत गोचर कर रहे हैं। तथा गुरु की दृष्टि अपने घर पर भी यहां पर बनी हुई है। जिससे इस राशि वालों को नए अवसर मिलेंगे। बैंक बैलेंस राइस होगा। संतान की तरफ से कोई खुशी का समाचार मिल सकता है। ब्रह्मांड के इस महान अनुष्ठान में गुरु ने जो शुभ फल उत्पन्न किया है। वह अत्यंत सराहनीय है, उसके प्रभाव से देवताओं ने संपूर्ण लोक का कल्याण करने का आशीर्वाद दिया है तथा गुरु का बार-बार वंदन किया है और उन्हें धन्यवाद दिया है। इस पुण्य के अर्जन से इस खुशहाली से गुरु के घर में संतान सुख आध्यात्मिक उन्नति तथा धार्मिक आयोजनों का कार्य प्रजा के हितार्थ तेजी से चलता रहता है। इस महान रहस्य में ब्रह्मांड की जो 12 राशियां शामिल हुई उसमें जैसे ही गुरु ने यज्ञ की पूर्ण आहुति दी। वैसे ही देवताओं ने प्रसन्नता से गुरु की जय जयकार की और संसार को पालन के लिए संपूर्ण लोगों का कल्याण किया।
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निष्कर्ष
राजा के आदेश के पालन में लगे अग्नि वायु जल आदि धरती को हरा भरा बना रहे थे और तभी प्रसन्नता से मीन राशि का चिन्ह बनाती हुई दो मछलियां समुद्र में उछल पड़ती हैं और त्रिदेवों के द्वारा मनुष्य को अपने कर्मों में संयुक्त होते हुए धर्म नीति न्याय सहयोग सद्भावना सामंजस्य मान सम्मान दान दक्षिणा यज्ञ अनुष्ठान आदि को शामिल करने का महामंत्र दिया। जिससे जल अग्नि वायु पृथ्वी यह सदैव उनकी सुरक्षा में तत्पर रहेंगे। उन्हें वांछित फल देते रहेंगे। ऐसा आदेश ब्रह्मांड की सभी राशियों के लिए जारी किया। इस समय देवता हर्षित होकर क्षीरसागर में शयन और विश्राम करने लगते हैं। इस महायज्ञ की पूर्णाहुति ठीक 17 अगस्त 2026 को हो जाती है और सूर्य पुनः अपने घर सिंह राशि को प्रस्थान कर जाते हैं। और ब्रह्मांड की 12 राशियों का क्रम यही पूरा हो जाता है।
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FAQS\ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-
Q1. गुरु आदित्य राजयोग 2026 कब बन रहा है?
An. 16 जुलाई 2026 को सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश (कर्क संक्रांति) के साथ गुरु और सूर्य की युति से गुरु आदित्य राजयोग का निर्माण हो रहा है।
Q2. गुरु आदित्य राजयोग से सिंह राशि को क्या लाभ होगा?
An. सिंह राशि के जातकों को करियर, व्यापार, निवेश और प्रतिष्ठा में नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि खर्चों पर नियंत्रण और शत्रुओं से सतर्क रहने की आवश्यकता रहेगी।
Q3. धनु राशि पर गुरु आदित्य राजयोग का क्या प्रभाव पड़ेगा?
An. धनु राशि के लिए यह योग करियर ग्रोथ, व्यापार विस्तार, निवेश लाभ और रुके हुए कार्यों की पूर्ति के संकेत देता है। मेहनत अधिक रहेगी लेकिन परिणाम अनुकूल मिल सकते हैं।
Q4. मीन राशि वालों के लिए यह राजयोग कितना शुभ है?
An. मीन राशि के जातकों को प्रतियोगी परीक्षा, राजनीति, सामाजिक प्रतिष्ठा, संतान सुख, नए अवसर और आर्थिक उन्नति मिलने की प्रबल संभावना रहेगी।
Q5. क्या गुरु आदित्य राजयोग सभी राशियों के लिए शुभ होता है?
An. यह योग सामान्यतः शुभ माना जाता है, लेकिन इसका प्रभाव प्रत्येक राशि की कुंडली, ग्रह स्थिति और गोचर के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
Q6. गुरु आदित्य राजयोग के दौरान किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?
An. धैर्य, संयम, सही निर्णय, धार्मिक कार्य, माता-पिता एवं गुरु की सेवा, तथा अनावश्यक क्रोध और विवाद से बचना इस अवधि में अधिक लाभकारी माना जाता है।
Q7. यह गुरु आदित्य राजयोग कितने समय तक प्रभावी रहेगा?
An. इस योग का प्रमुख प्रभाव 16 जुलाई 2026 से सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश (लगभग 17 अगस्त 2026) तक विशेष रूप से देखा जा सकता है।



