जून माह 2026 ग्रह गोचर ! गुरु बृहस्पति के राशि परिवर्तन होने से बदल जाएगा सभी राशियों का समय |

जून माह 2026 ग्रह गोचर

ज्योतिष शास्त्र में, ग्रहों के गोचर का अर्थ है, ग्रहों का निरंतर गति से चलना और अपनी राशि बदलना। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस प्रक्रिया में, ग्रह जन्म कुंडली के विभिन्न भावों से होकर अपनी राशि परिवर्तन करते है। जिन ग्रहों की गति का समय बहुत तीव्र होता है जैसे चंद्रमा, मंगल, बुध, सूर्य उनका गोचर का समय कम होता है। 

लेकिन, ऐसे ग्रह जो बहुत धीमी गति से चलते हैं जैसे शनि, गुरु, राहु-केतु तो इन ग्रहों के गोचर का समय भी अधिक होता है। इसके साथ ही,ग्रहों के गोचर का मुख्य प्रभाव जातक के दैनिक जीवन, करियर, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव से भी संबंधित होता है। 

हमारे मंगल भवन’ के ज्योतिष आचार्यों  की विशेष गणना के आधार पर, जून 2026 में कुछ बड़े ग्रहों के गोचर होने हैं। जिसमें 2 जून 2026 को गुरु-बृहस्पति कर्क राशि (उच्च) में प्रवेश करेंगे, जो 31 अक्टूबर तक इसी राशि में गोचर करेंगे। 

इसके अलावा, 15 जून 2026 को सूर्य ग्रह का गोचर मिथुन राशि में और 19 जून से चिरोन का वृषभ राशि में गोचर होने वाला है। तो, आइये अब हम आपको आगे के लेख में इन ग्रहों के गोचर और प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, जून माह में होने वाले ग्रहों के गोचरों की यह अवधि आर्थिक विकास, आध्यात्मिक वृद्धि और जीवन में शुभ\अशुभ परिवर्तन और परिणाम देने वाली होती है। सभी ग्रहों में, गुरु-बृहस्पति को शुभ ग्रह के रूप में श्रेष्ठ वैवाहिक जीवन, विवाह और संतान सुख के मामले में शुभ प्रभाव देने वाला ग्रह माना जाता है। 

जून माह में सबसे अधिक शुभ गोचर 2 जून 2026 को होगा। जिसमें, गुरु -बृहस्पति मिथुन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि कर्क राशि में गोचर करेंगे। यह गोचर जातक के लिए गुरु बृहस्पति की बहुत ही शुभ स्थिति मानी जाती है। क्योंकि, गुरु का सीधा सम्बन्ध शिक्षा, ज्ञान, और विवाह से होता है। इसलिए, इस गोचर के शुभ प्रभाव से, सभी 12 राशियों के जीवन में सकारात्मकता, सुख, समृद्धि, आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों में रुचि और संतान सुख की प्राप्ति जैसे शुभ प्रभाव देखने को मिलेंगे।

जून माह में अगला महत्वपूर्ण गोचर, ग्रहों के राजा सूर्य देव का होने वाला है। जो कि, 15 जून 2026 को वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में होने के संकेत हैं । सूर्य के गोचर के शुभ प्रभाव से यह समय जातक के लिए संचार (communication), बुद्धि और व्यापार में सफलता व लाभ की दृष्टि से बहुत ही, शुभ और अनुकूल प्रभाव देने वाला होगा।

ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से, यह खगोलीय घटना वृषभ राशि में जून माह से लेकर 3 महीने के लिए होने वाली है।

जिससे जातक को व्यक्तिगत विकास, आर्थिक स्थिरता और आत्म-सम्मान में वृद्धि के लिए शुभ समय देने वाला होगा। इस समय जातक को अपने आत्म-संयम की सलाह दी जाती है। 

साल 2026 में, शनि ग्रह 17 मई से रेवती नक्षत्र (स्वामी बुध) में प्रवेश करेंगे। जिसका प्रभाव जून माह में भी रहेगा। इस प्रकार शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन तकनीकी और बैंकिंग क्षेत्रों से सम्बन्धित जातकों के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाएगा। 

जून माह 2026 में, बुध ग्रह का गोचर मिथुन राशि में यूरेनस के साथ होने वाला है। जिससे बुध के साथ यूरेनस की युति होने के संकेत हैं। इस युति के शुभ प्रभाव में जातक को व्यवसाय और संचार में बड़े परिवर्तन और प्रभाव देखने को मिलेंगे।

ज्योतिष शास्त्र की गणना में जून माह 2026 में, जब शुक्र ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, तो वे यूरेनस के साथ 60 डिग्री और नेपच्यून के साथ 120 डिग्री पर होंगे।,ज्योतिष के अनुसार, इस प्रकार कोण बनने से जातक में,  रचनात्मकता और कलात्मकता के क्षेत्र में रूचि बढती है। 

  • बैंकर्स, और ट्रेडर्स के लिए समय अच्छा शुभ है, स्टॉक मार्केट और नए निवेश में लाभ।
  • पेशेवर जीवन में श्रेष्ठ लाभ, नई नौकरी के अवसर और कार्यस्थल में, पदोन्नति के योग।
  • मानसिक शांति, पारिवारिक प्रेम में, वृद्धि और पुराने रोग\ बीमारियों से मुक्ति।

ज्योतिष शास्त्र की गणना में, जब गुरु बृहस्पति और चंद्रमा केंद्र/त्रिकोण में होते हैं, तब यह शुभ योग बनता है।

 इस योग के शुभ प्रभाव से जातक को करियर (मीडिया, शिक्षा, राजनीति) क्षेत्र में सफलता और धन लाभ जैसे शुभ परिणाम मिलते हैं। 

मेष राशि के जातकों को जून माह में होने वाले गोचर से शुभ परिणाम मिलने के योग हैं। जिसमें छोटी यात्राओं से लाभ, परिवार में भाई-बहनों से सहयोग और साहस में वृद्धि होगी।

जून माह में ग्रहों के गोचर वृषभ राशि के लिए विशेष रूप से शुभ परिणाम देने वाले होंगे। जिसमें, जातक को धन लाभ के प्रबल योग, वाणी में मधुरता और पारिवारिक सुख में वृद्धि के योग बनेंगे।

मिथुन राशि के जातकों के लिए, जून माह के गोचर बहुत ही शुभ परिणाम देने वाले होंगे जिसके प्रभाव में जातक को आत्मविश्वास में वृद्धि, मान-सम्मान और नई पहचान मिलने के योग हैं।

कर्क राशि के लिए यह गोचर कुछ विशेष चेतवनी का संकेत हो सकते हैं। जिससे इस राशि के जातकों का आध्यात्मिक कार्यों पर अधिक खर्च, विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता, लेकिन स्वास्थ्य के लिए अशुभ प्रभाव मिल सकते हैं।

सिंह राशि के जातकों के लिए, जून माह में होने वाले गोचर शुभ प्रभावी हैं। जिससे जातकों की आय में व्रद्धी, बड़े-भाइयों और मित्रों का अच्छा सहयोग और मनोकामना पूर्ति के योग हैं।

जून माह में होने वाले गोचर से कन्या राशि के जातकों को मिश्रित प्रभाव मिलने के संकेत हैं। जिससे जातकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव, जिम्मेदारियों में वृद्धि, घर-परिवार में अच्छा समय व्यतीत होने की संभावना है।

जून माह में गोचर का प्रभाव तुला राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ प्रभाव देने वाला होगा। इस राशि के जातकों को भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, लंबी यात्राएं और धार्मिक कार्यों में सफलता के योग हैं।

जून माह के गोचर से वृश्चिक राशि के जातकों को सचेत रहने के संकेत हैं, इस राशि के जातकों को इस माह अचानक धन हानि या लाभ की स्थिति, शोध और गुप्त विद्याओं में रुचि होने के संकेत हैं।

जून माह 2026 ग्रह गोचर !

जून माह के गोचर से धनु राशि के जातकों को शुभ परिणाम मिलने के योग हैं। जिसके प्रभाव में इस राशि के जातकों का वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा, साझेदारी या व्यवसाय में सफलता और लाभ का सुख मिलेगा।

मकर राशि के लिए जून माह के गोचर शत्रुओं पर विजय देने वाले प्रभाव में होगा, लेकिन उधारी\कर्ज और स्वास्थ्य के मामलों में इस माह आपको सावधान रहने की सलाह है।

कुंभ राशि के लिए जून का महिना शुभ संकेत और गोचर की द्रष्टि से शुभ रहेगा। इस माह आपको, संतान सुख, शिक्षा में सफलता और प्रेम संबंधों में विशालता के परिणाम देखने को मिलेंगे।

मीन राशि के लिए जून माह के ग्रहों के गोचर शुभ प्रभाव देने वाले होंगे। जिसमें, आपको भूमि-भवन सम्बन्धी सुख, माता का आशीर्वाद और घर-परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार,  जून माह 2026 में, होने वाले गोचर के लिए हमारे आचार्यों द्वारा ये आसान उपाय बताए गए हैं –

  1. प्रतिदिन, सुबह जल्दी उठकर सूर्य देव को जल अर्पित करें और “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।
  2. किसी गरीब या जरूरतमंदों को पीले रंग की वस्तुएं (गुरुवार को) या नीले रंग की वस्तुएं (शनिवार को) दान करें।
  3. इस माह गणेश जी की पूजा करने से आपके बुध संबंधी दोष दूर होंगे और कार्यों में सफलता मिलेगी।
  4. हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करें, जो मंगल और राहु के बुरे प्रभावों को कम करने में सहायक होगा। 
  5. गुरुवार के दिन माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं, और श्री हरि विष्णु की उपासना करें। जिससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होगी और भाग्य का साथ मिलेगा।

Q. जून माह में कौन-कौन से ग्रहों का गोचर होने वाला है?

An. जून माह में,  सूर्य, बुध, गुरु-बृहस्पति शनि और शुक्र ग्रह का गोचर अलग-अलग राशियों में होने वाला है। लेकिन, इनका प्रभाव सभी राशियों पर होगा।

Q.जून माह 2026 में, बनने वाले ग्रहों के गोचर कौन से शुभ योग बनेंगे?

An. गजकेसरी योग (जून से अक्टूबर तक) ज्योतिष शास्त्र की गणना में, जब गुरु बृहस्पति और चंद्रमा केंद्र/त्रिकोण में होते हैं, तब यह शुभ योग बनता है। इस योग के शुभ प्रभाव से जातक को करियर (मीडिया, शिक्षा, राजनीति) क्षेत्र में सफलता और धन लाभ जैसे शुभ परिणाम मिलते हैं।

Q. जून माह में होने वाले गोचर से कुम्भ राशि के लिए क्या प्रभाव होंगे?

An. कुंभ राशि के लिए जून का महीना शुभ संकेत और गोचर की दृष्टि से शुभ रहेगा। इस माह आपको, संतान सुख, शिक्षा में सफलता और प्रेम संबंधों में विशालता के परिणाम देखने को मिलेंगे।

Q. जून माह में होने वाले गोचर के लिए क्या विशेष उपाय करना चाहिए?

An. गुरुवार के दिन माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं, और श्री हरि विष्णु की उपासना करें। जिससे, भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होगी और भाग्य का साथ मिलेगा। साथ ही, प्रतिदिन, सुबह जल्दी उठकर सूर्य देव को जल अर्पित करें और “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।

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