नवम्बर माह 2026 ग्रह गोचर ! शुक्र, मंगल, गुरु और सूर्य के प्रभाव दिखेंगे आपको इस माह, शुभता के लिए करें ये उपाय

नवम्बर माह 2026 ग्रह गोचर

‘ज्योतिष ज्ञान’ उस शास्त्र को कहा जाता है। जिसमें, हमें अपने वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की भी जानकारी मिलती है। इतना ही नहीं, यदि हमारी कुंडली से हमें ग्रहों के गोचर और उनके प्रभाव की सही स्थिति के बारे में पता हो तो, यह हम अपने जीवन में आने वाली समस्याओं को पहले से ही, जान पाते हैं। 

इसी के साथ हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इन सभी का भी सटीक ज्ञान हमें ज्योतिष शास्त्र की गणना के माध्यम से प्राप्त हो सकता है।  तो, आइए आज के इस ‘मंगल भवन’   के लेख में हम आपको, नवम्बर माह 2026 में होने वाले ग्रहों के विशेष गोचर और उनके प्रभाव के बारे, में जानकारी देंगे।

ज्योतिष शास्त्र की गणना में इस माह, कई प्रमुख ग्रहों के गोचर और युति होने के संकेत बन रहे हैं। जिसमें, इस माह शुक्र ग्रह कन्या राशि में 6 से 14 नवंबर तक वक्री रहेगा। इसके बाद, 12 नवंबर को मंगल ग्रह सिंह राशि में विराजमान होंगे। इसके बाद अगले गोचर में, 25 नवंबर के आसपास राहु-केतु का राशि परिवर्तन भी होने वाला है, जो संभावित रूप से मकर-कर्क अक्ष में होगा।  इसके अतिरिक्त, गुरु-बृहस्पति का गोचर सिंह राशि में होगा। 

ज्योतिष शास्त्र की गणना में, शुक्र ग्रह 3 अक्टूबर से वक्री होने के बाद, 6 नवंबर को कन्या राशि में गोचर करेंगे और 14 नवंबर तक व, कन्या राशि में वक्री अवस्था में ही रहेंगे। इसके बाद फिर 22 नवंबर को पुनः वे तुला राशि में अपना राशि परिवर्तन करेंगे।

नवम्बर माह में, 12 नवंबर को मंगल, बृहस्पति और केतु एक साथ सिंह राशि में युति करेगा । यह भी इस माह की सबसे महत्वपूर्ण घटना होगी।  जिससे सिंह राशि के साथ सभी राशियों के जीवन में प्रभाव दिखाई देंगे। 

नवम्बर माह में अगला ग्रह गोचर, 31 अक्टूबर से 5 दिसंबर 2026  तक के लिए होगा।  वह है, गुरु-बृहस्पति का सिंह राशि में भ्रमण करना। इस गोचर से सिंह राशि के जातकों को बहुत ही, शुभ प्रभाव देखने को मिलेंगे। 

इसके अलावा, इसी माह 25 नवंबर 2026 (कुछ पंचांगों के अनुसार 4-5 दिसंबर) को राहु कुंभ से मकर राशि में और केतु सिंह से कर्क राशि में अपना स्थान परिवर्तन करेंगे।

इसी माह यानी, 16 नवंबर 2026 तक सूर्य तुला राशि में विराजमान रहेंगे और इसके बाद वे वृश्चिक राशि में अपना स्थान बदलेंगे। चलिए आगे के लेख में, हम आपको इन गोचर के प्रभाव की जानकारी देंगे- 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह स्थिति (शुक्र का कन्या राशि में गोचर) जातक के पारिवारिक संबंधों और रिश्तों, में व्यावहारिकता की वृद्धि करने में सहायक होती है। कुछ ज्योतिषियों का यह भी मानना है कि, 31 अक्टूबर 2026 से 5 दिसंबर 2026 के बीच देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य की राशि सिंह में गुरु बृहस्पति के इस प्रकार स्थान बदलने से, आत्मविश्वास, नेतृत्व, नाम, प्रसिद्धि और रचनात्मकता में वृद्धि होने के शुभ संकेत हैं। इस दौरान प्रशासनिक, राजनीतिक और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के शुभ योग बनेंगे। 

  1. सूर्य देव की प्रधान राशि, सिंह राशि में गुरु-बृहस्पति का स्थान परिवर्तन करना, सिंह राशि के जातकों के लिए, साहसी और आत्मविश्वासी होने के शुभ प्रभाव लेकर आएगा। जिससे इस राशि के जातकों को जीवन की नई जिम्मेदारियां मिलने के योग हैं।
  2. गुरु ग्रह को नेतृत्व करने के अद्वितीय गुणों का कारक माना जाता है। इस गोचर से उन जातकों को भी विशेष प्रभाव मिलेंगे जो करियर में सफलता, नेतृत्व या समाज में किसी  अच्छे पद पर कार्य करना चाहते हैं।
  3. दिसंबर के आसपास, गुरु बृहस्पति के, सिंह राशि में वक्री (Retrograde) होने के कारण, यह जातक में, अहंकार, गलत निर्णय सलाह व  संघर्ष से बचने की प्रव्रत्ति को बढ़ा सकती है।
  4. गुरु-बृहस्पति का यह गोचर, सिंह राशि के जातकों को तो, प्रभावित करेगा ही, यह वृषभ और कन्या राशि के साथ अन्य राशियों के लिए भी शुभ प्रभाव देने वाला होगा। 

ऊपर बताई गई, गणनाओं के अनुसार, नवम्बर 2026 में गुरु-बृहस्पति-केतु के साथ सिंह राशि में युति करेंगे, इसके साथ ही, मंगल ग्रह का प्रभाव और शनि ग्रह का मीन राशि में गोचर होने से विशेष परिवर्तन होंगे। इस माह होने वाले इन ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए हमारे ‘मंगल भवन’ के वरिष्ठ और अनुभवी आचार्यों द्वारा कुछ आसान लेकिन, बहुत ही प्रभावशाली उपाय की जानकारी दी है। आइए, जान लेते हैं, इन उपायों के बारे, में-

जब भी गुरु का राशि परिवर्तन हो तो, उनकी, शुभता के लिए, गुरुवार के दिन योग्य ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन कराना चाहिए।  इसके अलावा. केले के पेड़ की पूजा करें और माथे पर केसर का तिलक लगाएं।

जन्म कुंडली में, केतु के अशुभ प्रभाव हो तो, भगवान गणेश की पूजा करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है। इसके अलावा, कुत्तों को रोटी खिलाएं और गरीबों को कंबल का दान करें।

मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें, हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें या रक्तदान करें।

शनिवार के दिन, पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और गरीब को काले तिल या जूते का दान करें।

शुक्रवार को बुजुर्ग महिलाओं को भोजन कराएं या पक्षियों को दाना डालें।

प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व उठे और सूर्य देव के दर्शन करें उन्हें, लाल चन्दन मिश्रित जल का अर्घ्य दें, प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम या गायत्री मंत्र का जाप करना आपके लिए बेहद शुभ होगा।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवंबर माह 2026 में राहु ग्रह गोचर मकर और केतु का कर्क में गोचर होने से यह, प्रमुख कार्मिक फलों, बदलाव की स्थिति लेकर आएगा। जिससे जातक को, अपने करियर और पारिवारिक जीवन में नई समस्याएँ व सफलताएँ मिलेंगी। इसके अलावा, गुरु (बृहस्पति) का कर्क राशि में उच्च स्थिति के होकर करियर, ज्ञान और आय में वृद्धि करने वाले प्रभाव देंगे।

शनि ग्रह के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत व उसी के अनुसार परिणाम मिलेंगे। लेकिन,  प्रेम व पारिवारिक जीवन में सामंजस्य की आवश्यकता होगी। तो, आये नवंबर माह के गोचर के अनुसार, हम आपको सभी राशियों का राशिफल और होने वाले प्रभाव की जानकारी देंगे। 

ज्योतिष गणना के अनुसार, नवम्बर माह में, मेष, कुम्भ, मीन ये तीन राशियां गुरु-बृहस्पति के शुभ प्रभाव और आशीर्वाद से भाग्यशाली रहेंगी। जिससे इन राशियों को, करियर में सफलता  मान-सम्मान की प्राप्ति होंगी।

नवम्बर माह 2026 ग्रह गोचर

नवम्बर माह में, वृषभ, मिथुन, और कर्क राशि के जातकों, को राहु-केतु के प्रभाव से करियर में बड़े परिवर्तन और निजी जीवन में संतुलन बनाने की जरूरत पड़ सकती है।

इस माह गुरु के गोचर के कारण, सिंह, कन्या, तुला राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में कड़ी मेहनत के बाद सफलता मिलेगी और मेहनत से धन लाभ होने के योग बनेंगे। तुला राशि वालों के लिए वर्ष का उत्तरार्ध अधिक शुभ फलदायी रहेगा।

ग्रहों के गोचर की दृष्टि के प्रभाव से इस माह वृश्चिक, धनु, मकर, राशि के जातकों को व्यापार में लाभ व तेजी और नए अवसर मिलने इ योग बनेंगे। लेकिन, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत संबंधों में आपको इस माह सावधानी रखने की सलाह दी जाती है। 

कुल-मिलाकर ग्रहों के गोचर की दृष्टि से नवम्बर माह 2026 विशेष रूप से प्रभावशाली रहेगा। जिसमें कुछ राशियों को अच्छे व अक्रात्मक परिणाम मिलेंगे। वहीं, कुछ राशियों को स्वास्थ्य संबंधी हानि या रिश्तों में मनमुटाव के प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। लेकिन, माना जाता है कि, ग्रहों के गोचर से जीवन में बदलाव आते हैं जो कि, जातकों के लिए जरूरी होते हैं। इसलिए इन्हें रोका नहीं जा सकता, लेकिन, आप कुछ आसान उपाय के जरिये इन गोचर से होने वाले अशुभ प्रभाव को कम कर सकते हैं। 

Q. नवम्बर माह 2026 में कौन से ग्रहों के गोचर होने वाले हैं?

An. इस माह, कई प्रमुख ग्रहों के गोचर और युति होने के संकेत बन रहे हैं। जिसमें, इस माह शुक्र ग्रह कन्या राशि में 6 से 14 नवंबर तक वक्री रहेगा। इसके बाद, 12 नवंबर को मंगल ग्रह सिंह राशि में विराजमान होंगे। इसके बाद अगले गोचर में, 25 नवंबर के आसपास राहु-केतु का राशि परिवर्तन भी होने वाला है, जो संभावित रूप से मकर-कर्क अक्ष में होगा।  इसके अतिरिक्त, गुरु-बृहस्पति का गोचर सिंह राशि में होगा।

Q. क्या, नवम्बर माह 2026, में सूर्य का गोचर होने वाला है?

An. हां, इसी माह यानी, 16 नवंबर 2026 तक सूर्य तुला राशि में विराजमान रहेंगे और इसके बाद वे वृश्चिक राशि में अपना स्थान बदलेंगे।

Q. नवम्बर माह 2026, में राहु-केतु की क्या स्थिति होने वाली है?

An. नवम्बर माह में, 25 नवंबर 2026 (कुछ पंचांगों के अनुसार 4-5 दिसंबर) को राहु कुंभ से मकर राशि में और केतु सिंह से कर्क राशि में अपना स्थान परिवर्तन करेंगे।

Q. नवम्बर माह 2026 के लिए क्या उपाय लाभकारी हो सकते हैं?

An. ग्रहों की शुभता के लिए, प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व उठे और सूर्य देव के दर्शन करें उन्हें, लाल चन्दन मिश्रित जल का अर्घ्य दें, प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम या गायत्री मंत्र का जाप करना आपके लिए बेहद शुभ होगा। इसके अलावा, राहु-केतु के अशुभ प्रभाव हो तो, भगवान गणेश की पूजा करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है। इसके अलावा, कुत्तों को रोटी खिलाएं और गरीबों को कंबल का दान करें।

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