मंगल गोचर कन्या राशि में 2025
मंगल गोचर: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 28 जुलाई 2025 को रात 08 बजकर 11 मिनट पर मंगल का गोचर कन्या राशि में होगा! हमारे ज्योतिष गणना में मंगल को एक बहुत ही प्रभावी ग्रह माना जाता है! जिसका प्रभाव कुंडली के बारह भावों में अलग-अलग रूप से पड़ता है! राशियों की बात करें तो, प्रत्येक राशि के अनुसार, भी कुंडली के भावों के अनुरूप मंगल का प्रभाव शुभ या अशुभ हो सकता है! साल 2025 में, मंगल का जो गोचर कन्या राशि में होने वाला है, उसका प्रभाव भी कुछ राशियों के लिए शुभ होगा तो कुछ राशियों के यह एक विपत्ति का संकेत होने वाला है- तो आइए आज के इस मंगल भवन के लेख में, हम कन्या राशि के साथ अन्य राशियों पर गोचर के प्रभाव के बारे में जानेगे-
मंगल गोचर कन्या राशि के लिए: प्रभाव
सबसे पहले तो, हम यह जान लेते हैं कि, मंगल का गोचर कन्या राशि में होने से कन्या राशि पर कैसा प्रभाव होगा!
- मंगल का गोचर कन्या राशि के लिए उनकी आय में, वृद्धि करने वाला होगा!
- गोचर के दौरान कन्या राशि के जातकों को, धन निवेश से लाभ होगा यानी आपको किसी, प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने का सुख मिलेगा!
- इस माह मंगल के गोचर के शुभ प्रभाव में, आपको संतान से संबंधित कोई खुशखबरी या शुभ समाचार मिल सकता है!
- समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी!
- यदि कहीं पर आपका धन अटका हुआ है तो, इस समय वह आपको वापस मिल सकता है!
कुंडली के विभिन्न भाव और मंगल का प्रभाव
अब हम बात करते हैं- कुंडली के बारह भावों में मंगल के प्रभाव के बारे में-
पहला भाव (1st House)
कुंडली के पहले भाव में, मंगल का प्रभाव होने पर व्यक्तित्व प्रभावशाली बनता है और शारीरिक रूप से भी स्वस्थ होते हैं! सच का साथ देने वाले आलोचनात्मक प्रवृत्ति के होते हैं!
दूसरे भाव भाव 2nd House
कुंडली के दूसरे भाव में, मंगल का प्रभाव होने पर इनकम बढ़ाने के लिए ये मेहनत करते हैं और कठिन कामों को करने के लिए भी इसका प्रभाव विशेष होता है। आय के नए साधनों को ढूंढने के इच्छुक होते हैं! साथ ही, धन का उचित उपयोग करना उन्हें बहुत अच्छे से आता है!
तीसरा भाव 3rd House :
कुंडली के तीसरे भाव में, मंगल का प्रभाव होने पर जातक की वाचाल क्षमता विकसित होती है! और तकनीकी क्षमताओं में भी इनका बहुत अच्छा प्रदर्शन रहता है। वे अपने दैनिक कार्यों को भी बड़ी कुशलता से करते हैं! साहस और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ते हैं और नए विचारों पर कार्य करने में लगे रहते हैं!
चौथे भाव 4th House :
कुंडली के चौथे भाव में, मंगल का प्रभाव होने पर घर के कामकाज में निपूर्ण बनाता है! साथ ही, उनमें, मंगल के प्रभाव से नियम और अनुशासन को लागू करके परिवार को चलाने की अद्भुत शक्ति होती है! और वे सभी का मार्गदर्शन बेहतर तरीके से करते हैं!
पांचवे भाव 5th House :
कुंडली के पांचवे भाव में, मंगल का प्रभाव होने पर जातक में, रचनात्मकता के गुणों का विकास होता है! जो, कि कलात्मकता के संबंध में सक्रिय तो होते हैं, लेकिन रचनात्मक उपाय करने के लिए अधिक क्रियाशील होते हैं!
छठा भाव 6th House :
कुंडली के छठवें भाव में मंगल का प्रभाव होने पर यह स्वास्थ्य के प्रति आपको अधिक जागरूक बनाएगा! आप अपनी सेहत से जुड़े मामलों में अधिक क्रियाशील दिखाई देंगे! इसके अलावा, आप में मेहनत करने के प्रति जुनून होगा!
सातवां भाव 7th House:
कुंडली के सातवें भाव में मंगल का प्रभाव, होने पर यह तर्कपूर्ण बातों के माध्यम से दूसरों को आकर्षित करने में सक्षम बनाता है! साथ ही, आपका कम्युनिकेशन भी बहुत प्रभावी बनाता है! जिससे आप एक अच्छी पार्टनरशिप कर सकते हैं! लेकिन कई बार यह आत्मसम्मान के कारण रिश्तों के लिए नकारात्मक प्रभाव भी देता है!
आठवां भाव 8th House:
कुंडली के इस भाव में, मंगल का प्रभाव होने पर रिसर्च से जुड़े कार्यों में सफलता मिलती है! एकाग्र शक्ति बढ़ती है! यह गुप्त मामलों और धन संबंधी मामले में इच्छा को बढ़ाता है, साझेदारी के क्षेत्र को भी यह विशेष रूप से प्रभावित करता है!
नौवां भाव 9th House:
कुंडली के नौवें भाव में, मंगल का प्रभाव होने पर यह शिक्षा के क्षेत्र में जोश और सफलता देता है! ऐसे जातक को यात्रा करने में अधिक रुचि होती है! लेकिन उनके विचार दूसरों से अलग और आधुनिक होते हैं! साथ ही, वे अनुभूति के स्तर को आगे बढ़ाने और नए विचारों को गति प्रदान करने में लगे रहते हैं!
दसवें भाव 10th House :
कुंडली के दसवें भाव पर मंगल का प्रभाव होने से यह कामकाजी जीवन में आगे बढ़ने रहने की इच्छा शक्ति देता है। अपने कार्य में सुधार करना और अधिक बेहतर बनाने की चाह की क्षमता देता है। साथ ही, यह करियर में प्रयासों और लीडरशिप में छोटी-छोटी बातों पर ध्यान केंद्रित करता है!
ग्यारहवां भाव 11th House :
मंगल का प्रभाव इस भाव में होने पर यह योजनाओं को बेहतर तरीके से करने की अच्छी समझ देता है! साथ ही जातक को वास्तविकता के साथ आगे बढ़ने और सही साधनों के माध्यम से अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सक्षम बनाता है!
बारहवां भाव 12th House :
कुंडली के, बारहवें भाव में, मंगल के प्रभाव से जातक में, आध्यात्मिकता की ओर रुचि बढ़ती है! जिससे जातक स्वयं को, आंतरिक विकास और आत्म-ज्ञान की एक व्यवस्थित दिशा की ओर ले जाता है! और बाहरी आडम्बरों में भटकने से बचाता है!
मंगल गोचर कन्या राशि में- प्रभावित राशियाँ
अब हम बात करेंगे उन राशियों के बारे में, जिन पर मंगल गोचर कन्या राशि में होने से सबसे अधिक प्रभाव होगा! आइए जानते हैं कि किन राशियों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ सकता है-
- सिंह राशि पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल का गोचर सिंह राशि से कन्या राशि में होगा! इसलिए सिंह राशि के जातकों को उसके सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेंगे! जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस होंगे! आय के साधनों में वृद्धि होगी और स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा!

- कन्या राशि पर प्रभाव
मंगल का गोचर कन्या राशि में होने से, कन्या राशि के जातकों को जीवन अधिक ऊर्जा और उत्साह का अनुभव होगा!
लेकिन, कन्या राशि के जातकों, कों अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा, क्योंकि मंगल के गोचर के दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक थकान महसूस हो सकती है। इसलिए अपने आहार और व्यायाम का ध्यान रखें और तनाव से बचने की कोशिश करें। कन्या राशि के जातकों को आर्थिक स्थिति में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। वे अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें और अपने भविष्य के लिए बचत करें।
- वृश्चिक राशि पर प्रभाव
मंगल का गोचर वृश्चिक राशि के जातकों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रभाव देने वाला होगा! वृश्चिक राशि के जातकों को अपने काम में सफलता मिलेगी! यानी यदि आप अधिक मेहनत करेंगे तो, उतना ही सकारात्मक परिणाम आपको मिलेगा!
मंगल के गोचर के दौरान वृश्चिक राशि के जातकों को लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं, जो उनके करियर में आगे बढ़ने में सहायक होंगे!
FAQS\अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q. मंगल का गोचर कन्या राशि में कब होगा?
An. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 28 जुलाई 2025 को रात 08 बजकर 11 मिनट पर मंगल का गोचर कन्या राशि में होगा! हमारे ज्योतिष गणना में मंगल को एक बहुत ही प्रभावी ग्रह माना जाता है! जिसका प्रभाव कुंडली के बारह भावों में अलग-अलग रूप से पड़ता है!
Q. क्या,मंगल अशुभ प्रभाव देते हैं?
An. नहीं, मंगल के गोचर का प्रभाव जातक की कुंडली और अन्य ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए, कुछ राशियों के लिए शुभ और कुछ राशियों के नकारात्मक प्रभाव में होगा!
Q. मंगल का गोचर कन्या राशि में होने से कन्या राशि के पर क्या प्रभाव होगा?
An. मंगल का गोचर कन्या राशि के लिए उनकी आय में, वृद्धि करने वाला होगा! गोचर के दौरान कन्या राशि के जातकों को, धन निवेश से लाभ होगा यानी आपको किसी, प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने का सुख मिलेगा! इस माह मंगल के गोचर के शुभ प्रभाव में, आपको संतान से संबंधित कोई खुशखबरी या शुभ समाचार मिल सकता है!
Q. कुंडली के पहले भाव में मंगल की स्थिति हो तो क्या होता है?
An. कुंडली के पहले भाव में, मंगल का प्रभाव होने पर व्यक्तित्व प्रभावशाली बनता है और शारीरिक रूप से भी स्वस्थ होते हैं! सच का साथ देने वाले आलोचनात्मक प्रवृत्ति के होते हैं!



