प्रस्तावना
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस प्रकार कुंडली में, भावों के आधार पर भविष्य की गणना की जाती है। उसी प्रकार, भावों में ग्रहों के गोचर या स्थिति की गणना से भावी जीवन में होने वाली घटनाओं की भी जानकारी मिलती है। ग्रहों के ये प्रभाव या तो जातक के जीवन में बहुत सी समस्याएं देते हैं, या जीवन में बहुत से सकारात्मक परिवर्तन और सफलता देते हैं।
हमने आपको हमारे पिछले लेख में, नवम्बर माह में होने वाले ग्रहों के गोचर और प्रभाव की जानकारी दी थी। आज के इस ’मंगल भवन’ के लेख में हम आपको दिसम्बर माह में होने वाले विशेष ग्रह गोचर व बनने वाले शुभ योग की जानकारी विस्तार से देंगे। हम आशा करते हैं, आप सभी को हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आएगी।
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दिसम्बर माह 2026- ग्रहों के विशेष गोचर
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दिसंबर माह 2026 में कई विशेष और बड़े ग्रहों के राशि परिवर्तन से प्रभाव देखने को मिलेंगे। जिसमें 5 दिसंबर 2026 को राहु व केतु का राशि परिवर्तन होगा। इसके बाद गुरु-मंगल-बुध की चाल एस माह विशेष रूप से शुभ योग का निर्माण करेंगी।
राहु ग्रह मकर राशि में और केतु ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। जिससे कई राशियों के लिए भाग्यशाली प्रभाव और शुभ दिन शुरू हो सकते हैं। साथ ही, अन्य राशियों के लिए, करियर और वित्तीय मामलों में सकारात्मक परिवर्तन होने की उम्मीद है। तो आये आगे के लेख में हम आपको इस माह के विशेष गोचर और प्रभाव की जानकारी विस्तार से देंगे।
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दिसंबर माह- 2026 विशेष ग्रह गोचर और प्रभाव
- राहु-केतु गोचर
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 5 दिसंबर 2026 को राहु ग्रह मकर राशि में और केतु कर्क राशि में गोचर करने वाले हैं। यानी, इस माह राहु ग्रह कुंभ राशि से मकर राशि में और केतु सिंह राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर की अवधि ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक लगभग 18 महीने की होने वाली है। राहु के मकर राशि में गोचर से कई बदलाव होंगे।
ये बदलाव सकारात्मक या नकारात्मक हो सकते हैं। जिसके अनुसार, जातकों की महत्वाकांक्षाओं में, वृद्धि होगी। लेकिन, केतु के कर्क राशि में आने से पारिवारिक मामलों में, भ्रम, जीवन में भावनात्मक असंतोष या मानसिक उलझनों का सामना करना पड़ सकता है।
- गुरु-बृहस्पति का गोचर-
साल 2026 में, ही गुरु-बृहस्पति का भी राशि परिवर्तन होने वाला है। जिसका प्रभाव 31 अक्टूबर 2026 से साल के अंत तक सिंह राशि में होगा। इस गोचर के प्रभाव से, इस राशि के जीवन में सफलता और करियर में अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
- मंगल और बुध का गोचर
इसके बाद दिसंबर 2026, में मंगल, बुध और गुरु-बृहस्पति जेसे शुभ और बड़े ग्रहों का गोचर बैक-टू-बैक होने वाला है। जिससे शुभ युति और शुभ संयोग बनने के संकेत हैं। इन ग्रहों के गोचर से जातक के जीवन में, व्यावसायिक सफलता और आर्थिक लाभ के शुभ योग बनने संकेत हैं।
- इसके बाद साल 2026 में, शनि का नक्षत्र परिवर्तन भी होने वाला है जो कि, 9 अक्टूबर 2026 से उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में होगा। इसका प्रभाव साल के अंत तक रहेगा।
दिसंबर माह 2026- शुभ योग और प्रभावित राशियाँ
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दिसंबर के महीने में एक बड़ा ही दुर्लभ संयोग बनने के योग भी हैं। दरअसल, इस महीने की 5, 6 और 7 दिसंबर तारीख को ग्रहों का बैक-टू-बैक राशि परिवर्तन होने वाले हैं। यह इस माह की सबसे बड़ी विशेष तिथियां होंगी।
हिंदू पंचांग के अनुसार, 5 दिसंबर को गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में गोचर करेंगे, फिर 6 दिसंबर को बुध ग्रह का गोचर वृश्चिक राशि में होगा और इसके बाद 7 दिसंबर 2026 को मंगल ग्रह का धनु राशि में गोचर होने वाला है। यानी लगातार तीन दिन में तीन बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन होने वाला है। जिससे कुछ राशियों के अच्छे दिन शुरू होने की संभावना है। चलिए आगे लेख में हम आपको, इन गोचर के शुभ प्रभाव के बारे में जानकारी देंगे-
शुभ गोचर से बनेंगे ये दुर्लभ संयोग
ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से देखें तो, आने वाला साल 2026 ग्रहों के गोचर के लिए बहुत ही खास रहने वाला है। जिसमें, कई ग्रहों का राशि परिवर्तन साल 2026 में देखने को मिलेगा, इसके साथ ही साथ कई शुभ योग और दूसरे ग्रह के साथ युति भी बनने के शुभ संकेत हैं। इस साल, गुरु-बृहस्पति और चंद्रमा, शुक्र और सूर्य ग्रह आपस में मिलकर युति बनाएंगे।
ज्योतिष शास्त्र में, इस साल गुरु-चंद्र की युति से ‘गजकेसरी राजयोग’ बनेगा और शुक्र-सूर्य की युति से शुभ ‘शुक्र आदित्य राजयोग’ देखने को मिलेगा। ‘गजकेसरी और शुक्र आदित्य राजयोग’ के अलावा इस साल मालव्य, बुधादित्य और आदित्य मंगल राजयोग भी बनने के शुभ संकेत हैं। साल 2026 में बनेंगे इन पांच दुर्लभ राजयोग के प्रभाव से कुछ राशियों का भाग्य चमकेगा।
शुभ योग से प्रभावित भाग्यशाली राशियां
- वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए साल 2026 में ‘गजकेसरी और शुक्र आदित्य योग’ बहुत ही लाभकारी साबित होने वाले हैं। गजकेसरी राजयोग के शुभ प्रभाव से आपकी कुंडली के दूसरे भाव धन और वाणी के स्थान पर शुभ प्रभाव देखने को मिलेंगे। ऐसे में इस साल आपको समय-समय पर अचानक धन लाभ और शुभ प्रभाव होते हुए दिखाई देंगे। परिवार में सुख-शांति और करियर में, नए-नए अवसरों की प्राप्ति होने के शुभ संकेत हैं। आर्थिक रूप से स्थिरता और समाज में मान-प्रतिष्ठा के योग बनेंगे।
- कन्या राशि
साल 2026 में, कन्या राशि के जातकों के लिए ‘गजकेसरी राजयोग’ का प्रभाव उनकी कुंडली के दसवें भाव होगा। जिससे आपके करियर और व्यवसाय में बहुत ही शुभ प्रभाव और लाभ की स्थिति बनेगी। जिससे आपको अच्छी सफलता भी मिलेगी। जो जातक नौकरी करते हैं उनके लिए, कार्यक्षेत्र में पदोन्नति और व्यापार में सफलता के योग हैं। व्यवसाय करने वाले जातकों के लिए यह समय बहुत ही अनुकूल रहेगा। जातकों की बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता में अनुकूल प्रभाव और वृद्धि होगी।
- कुंभ राशि
कुंभ राशि के जीवन में इस साल ‘गजकेसरी राजयोग और शुक्र आदित्य राजयोग’ के प्रभाव से बहुत ही सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। उनके लिए यह साल बहुत ही शुभ रहने वाला है। क्योंकि, यह योग आपकी कुंडली के पांचवें भाव में बनने वाला है। जिससे आपको संतान संबंधी शुभ समाचार सुनने को मिल सकता है। जिन जातकों को नौकरी में परिवर्तन का विचार है, उनके लिए नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। साल 2026 में संतान सुख की प्राप्ति के साथ-साथ आपको आर्थिक मजबूती का भी प्रभाव दिखेगा।

दिसंबर माह 2026- के लिए कुछ सरल ज्योतिष उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल दिसंबर माह 2026 में गुरु, बुध, मंगल, सूर्य और शुक्र जेसे बड़े शुभ ग्रहों का गोचर होने वाला है। जिससे ‘चतुर्ग्रही योग’ बन रहा है। जो धनु राशि में सूर्य-बुध-शुक्र-मंगल ग्रह की युति से बनेगा। ऐसे में, आपको इस माह इन आसान उपायों से जीवन में शुभता के प्रभाव देखने को मिलेंगे।
- सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव के लिए गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना शुभ है।
- कुंडली में, गुरु-बृहस्पति को मजबूत करने के लिए गुरुवार को पीले वस्त्र पहने, हल्दी का तिलक लगाएं, और केले के पेड़ की विधिवत पूजा करे और जल अर्पित करें।
- प्रतिदिन सुबह सूर्य को अर्घ्य दें, तांबे का दान करें। मंगल के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं और चने का भोग लगाएं।
- शुक्र को मजबूत करने के लिए, शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं (जैसे चावल, चीनी, दूध) का दान करें और स्फटिक की माला से ‘ॐ शुं शुक्राय नम:’ मंत्र का जाप करें।
- राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए, अपनी दिनचर्या में, ध्यान (Meditation) और ग्राउंड में रिचुअल्स करें। जिससे आपको मानसिक तनाव या भ्रम की स्थिति से समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सारांश
ज्योतिष गणना के अनुसार, साल 2026 में हर महीने में कुछ न कुछ विशेष ग्रहों के गोचर होंगे। जिससे कई प्रकार के शुभ योग और संयोग भी बनने वाले है। इन संयोगो से सभी राशियों के जातकों के जीवन में बहुत से सकारात्मक और प्रतिकूल प्रभाव देखे जा सकते हैं। ज्योतिष में, कोई भी ग्रह के शुभ व अशुभ प्रभाव के लिए उपाय बताए गए है। जिसके अनुसार, आपको उन ग्रहों की प्रतिकूलता का सामना न करना पड़ें।
FAQS\ अक्सर पूछे जाने सवाल-
Q. साल 2026 में दिसंबर माह क्यों अधिक विशेष है?
An. इस साल दिसंबर माह 2026, में विशेष ग्रहों के गोचर और दुर्लभ संयोग बनने के संकेत हैं। जिनमें, गुरु, बुध, मंगल, सूर्य और शुक्र जेसे बड़े शुभ ग्रहों का गोचर होने वाला है। जिससे ‘चतुर्ग्रही योग’ बन रहा है। जो धनु राशि में सूर्य-बुध-शुक्र-मंगल ग्रह की की युति से बनेगा।
Q. साल 2026 में, दिसंबर माह में कौन से ग्रहों का गोचर होने वाला है?
An. दिसंबर माह 2026 में कई विशेष और बड़े ग्रहों के राशि परिवर्तन से प्रभाव देखने को मिलेंगे। जिसमें 5 दिसंबर 2026 को राहु व केतु का राशि परिवर्तन होगा। इसके बाद गुरु-मंगल-बुध की चाल इस माह विशेष रूप से शुभ योग का निर्माण करेंगी। राहु ग्रह मकर राशि में और केतु ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
Q. साल 2026, में दिसंबर माह में, ग्रहों के लिए क्या उपाय करना चाहिए?
An. सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव के लिए गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना शुभ है। इसके अलावा, राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए, अपनी दिनचर्या में, ध्यान (Meditation) और ग्राउंड में रिचुअल्स करें। जिससे आपको मानसिक तनाव या भ्रम की स्थिति से समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
Q. क्या, कुंभ राशि के लिए दिसंबर माह 2026 शुभ साबित होगा?
An. हां, कुंभ राशि के जीवन में इस साल ‘गजकेसरी राजयोग और शुक्र आदित्य राजयोग’ के प्रभाव से बहुत ही सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। उनके लिए यह साल बहुत ही शुभ रहने वाला है। क्योंकि, यह योग आपकी कुंडली के पांचवे भाव में बनने वाला है।




