गुरु पूर्णिमा 2025 की शुभकामनाएं ! ज्ञान और आध्यात्मिकता का संगम, जाने महत्व और शुभ मुहूर्त के साथ उपाय भी

गुरु पूर्णिमा 2025

गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास की पूर्णिमा को कहा जाता है! साल 2025, में, गुरु पूर्णिमा का पर्व 10 जुलाई को आने वाला है! इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्‍मी की पूजा व आराधना करने का विधान है! साथ ही, इस दिन अपने-अपने घरों में सत्यनारायण भगवान की कथा और उनका विधि-विधान से पूजन किया जाता है! तो, आइए आज के इस ‘मंगल भवन’ लेख में, हम आने वाली गुरु पूर्णिमा के महत्व और शुभ मुहूर्त के बारे में जानेगे! आशा करते हैं लेख में, दी गई जानकारी आपके लिए उपयुक्त हो! लेख पसंद आने पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें! 

गुरु पूर्णिमा का दिन, वेदव्यास जी की जयंती के रूप में, उनके सम्मान के लिए भी मनाया जाता है! जिन्हें प्राचीन भारत के सबसे श्रेष्ठ और सम्मानित गुरुओं में से एक माना जाता है! हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी इस बात की जानकारी मिलती है कि, वेद व्यास ने चार वेदों की रचना की, महाभारत के महाकाव्य की रचना की, कई वेद-पुराणों और हिंदू धर्म के पवित्र विश्वकोशों की भी रचना की थी! इसके साथ ही, गुरु पूर्णिमा उस तिथि के रूप में मनाई जाती है, जिस दिन भगवान शिव ने आदि गुरु या मूल गुरु के रूप में सात ऋषियों को ज्ञान और विद्या दी थी! योग सूत्र में प्रणव या ॐ  के रूप में ईश्वर को योग का आदि गुरु कहा गया है!  मान्यता है कि, भगवान बुद्ध ने इसी दिन सारनाथ में अपना पहला उपदेश दिया था, जो गुरु पूर्णिमा के महत्व को और भी अधिक बढ़ाता है! 

गुरु पूर्णिमा हमारे मन से अंधकार को दूर करने वाले हमारे गुरुओं ( शिक्षकों) के सम्मान करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मनाया जाता है! प्राचीन काल से ही हमारे अनुयायियों के जीवन में गुरु का विशेष स्थान  है!  हमारे हिंदू धर्म की भी सभी पवित्र पुस्तकें, हमारे गुरुओं के महत्व और एक गुरु और उनके शिष्य के बीच के असाधारण बंधन को दर्शाती हैं!

आध्यात्मिक रूप से यदि समझे तो, गुरु पूर्णिमा के दिन महर्षि वेद व्यास जी का जन्म भी हुआ था! इसलिए, इस पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है! कहा जाता है कि, इस दिन अपने घर में, भगवान सत्यनारायण की कथा करने से घर में शुभता और सुख-समृद्धि आती है और घर से हर प्रकार की नेगेटिव एनर्जी (नकारात्मकता)  दूर होती है! आगे, लेख में हम गुरु पूर्णिमा का महत्व, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और इस दिन किए जाने वाले उपाय के बारे में जानेगे- 

हिंदू मान्यताओं में, गुरु पूर्णिमा का पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है! है, यह पर्व प्रतिवर्ष, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है! यह दिन मुख्य रूप से गुरु और शिष्य के पवित्र संबंध को सम्मानित करने के लिए समर्पित किया  है! जिसमें गुरु अपने शिष्यों को ज्ञान और शिक्षा देते हैं! इसके साथ ही, इस दिन, स्नान, दान और गुरु पूजन करने से जीवन में ज्ञान, शुभता और आध्यात्मिक सफलता मिलती है! महर्षि वेद व्यास जी की जयंती के रूप में भी गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है! जिन्होंने महाभारत और अन्य महत्वपूर्ण और महान हिंदू ग्रंथों की रचना की थी! धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन, दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है! इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने और धार्मिक स्थलों पर दान-पुण्य जैसे कार्य करने पर पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि और शुभता का वास होता है!

पूर्णिमा तिथि– 

10 जुलाई 2025,दिन- गुरुवार

पूर्णिमा तिथि आरंभ- 10 जुलाई 2025 को 01:36 AM बजे

पूर्णिमा तिथि समाप्त– 11 जुलाई 2025 को सुबह 02 बजकर 06 मिनट तक

जरुरी नोट- इस दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त व ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 10 मिनट से 04 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। साथ ही, अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा और विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 45 से 03 बजकर 40 मिनट बजे तक रहेगा! इस शुभ मुहूर्त पर स्नान व दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है! 

गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि इस प्रकार है-

ऐसे करें पूजा की तैयारी 

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठे और सबसे पहले स्नान करें और पवित्र वस्त्र पहनें! इसके बाद पूजा स्थल की साफ-सफाई कर उसे पवित्र बनाएं! गुरु या भगवान सत्यनारायण की मूर्ति को  पूजा स्थल पर स्थापित करें! पूजा के लिए, आप भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति भी स्थापित कर सकते हैं! 

गुरु पूर्णिमा 2025
  • पूजा विधि

सबसे पहले भगवान की मूर्ति या फोटो को, एक स्वच्छ कपड़ा बिछाकर उस पर विराजमान करें! इसके बाद,  दीप प्रज्वलन कर उन पर धूप , पुष्प कुमकुम, हल्दी व रोली अर्पित करें! अंत में, धूप या अगरबत्ती जलाएं! और भगवान के सम्मुख नैवेद्य रखें! साथ ही, गुरु के मंत्र का जप करें और गुरु की कृपा प्राप्त करने के लिए उनसे प्रार्थना करें!

अंत में, आरती करें और पूजा में हुई भूल के लिए क्षमा मांगे! 

  • पूजा का समापन 

पूजन के बाद अपने घर के सदस्यों में, प्रसाद वितरण करें और भगवान से आशीर्वाद और कृपा प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करें! आप चाहें, तो, गुरु वेदव्यास जी के द्वारा लिखे गए धार्मिक ग्रंथों का भी अध्ययन कर सकते हैं! अंत में, धार्मिक स्थल पर या जरुरतमंदों को, दान-पुण्य कर गुरु की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करें!

गुरु पूर्णिमा पर किए जाने वाले उपाय इस प्रकार हैं:

  1. इस दिन, अपने गुरुओं का आशीर्वाद लेना शुभ माना जाता है!
  2. वेद व्यास की पूजा करना और उनका आशीर्वाद लेना भी शुभ माना जाता है, क्योंकि गुरु पूर्णिमा को वेद व्यास जयंती के रूप में भी मनाया जाता है! 
  3. गुरु पूर्णिमा के दिन, दान-पुण्य करना शुभ फलदायी माना जाता है! आप गरीबों को भोजन या कपड़े दान कर सकते हैं!
  4. गुरु पूर्णिमा के दिन ध्यान और जप करना आध्यात्मिक उन्नति के लिए शुभ माना जाता है! 
  5. इस दिन, भगवान विष्णु की पूजा करना और भागवत कथा करना बहुत शुभ फलदायी होता है!
  6. इस दिन आध्यात्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना और ज्ञान प्राप्त करना शुभ माना जाता है! 
  7. अपने गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करना और उनका सम्मान करने से जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं! 

इन उपायों को करने से जातक को आध्यात्मिक सफलता के साथ, भगवान विष्णु और अपने गुरु की कृपा प्राप्त होती है!

Q. गुरु पूर्णिमा 2025 के दिन स्नान के लिए शुभ मुहूर्त क्या है?

An. इस दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त व ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 10 मिनट से 04 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। साथ ही, अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा और विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 45 से 03 बजकर 40 मिनट बजे तक रहेगा! इस शुभ मुहूर्त पर स्नान व दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है!

Q. गुरु पूर्णिमा का क्या महत्व है?

An. आध्यात्मिक रूप से यदि समझे तो, गुरु पूर्णिमा के दिन महर्षि वेद व्यास जी का जन्म भी हुआ था! इसलिए, इस पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है! कहा जाता है कि, इस दिन अपने घर में, भगवान सत्यनारायण की कथा करने से घर में शुभता और सुख-समृद्धि आती है और घर से हर प्रकार की नेगेटिव एनर्जी (नकारात्मकता)  दूर होती है!

Q. गुरु पूर्णिमा के दिन कौन से भगवान की पूजा करने का विधान है?

An. गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास की पूर्णिमा को कहा जाता है! साल 2025, में, गुरु पूर्णिमा का पर्व 10 जुलाई को आने वाला है! इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्‍मी की पूजा व आराधना करने का विधान है! साथ ही, इस दिन अपने-अपने घरों में सत्यनारायण भगवान की कथा और उनका विधि-विधान से पूजन किया जाता है!

Q. गुरु पूर्णिमा के दिन क्या-क्या कार्य करते हैं?

An. इस दिन, भगवान विष्णु की पूजा करना और भागवत कथा करना बहुत शुभ फलदायी होता है! इस दिन आध्यात्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना और ज्ञान प्राप्त करना शुभ माना जाता है! इस दिन अपने गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करना और उनका सम्मान करने से जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं!

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